बारिश और ओलों ने बढ़ाई किसानों की चिंता, सरसों-चना-अरहर पर संकट

म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि)
म्योरपुर क्षेत्र में सोमवार की शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और कुछ इलाकों में दर्ज की गई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम के इस अचानक बदलाव से कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर तेज आंधी के साथ मूसलाधार वर्षा देखने को मिली। म्योरपुर में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे खेतों में रखी और खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम के बदले मिजाज से किसान खासे परेशान हैं। खेतों में काटकर रखी गई फसलें भीगने से खराब हो सकती हैं, वहीं यदि एक-दो दिन और बारिश जारी रहती है तो सरसों की फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। म्योरपुर मुख्यालय के साथ-साथ बीजपुर, बभनी और अन्य ग्रामीण इलाकों में भी बारिश का असर साफ देखने को मिला है।अचानक हुई बारिश से खेतों में खड़ी चना और अरहर (रहर) की फसल पर भी खतरा मंडराने लगा है। किसानों का कहना है कि अधिक पानी गिरने से इन फसलों के फूल झड़ सकते हैं, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का डर सता रहा है।
किसान रामकिशन, हरिप्रसाद, शिवपाल और हीरालाल सहित अन्य किसानों ने बताया कि गेहूं के अलावा आम, महुआ, अरहर और सरसों जैसी फसलों को भी नुकसान हो सकता है। आम और महुआ के बौर तथा फूल रही अरहर और सरसों की फसलें विशेष रूप से प्रभावित होने की आशंका है। बारिश के कारण ठंड बढ़ने से भी किसान चिंतित हैं, क्योंकि इससे फसलों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और मौसम साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही मौसम खुल गया तो नुकसान कुछ हद तक कम हो सकता है, लेकिन यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेती-किसानी पर बड़ा असर पड़ना तय है।



