कुलडोमरी क्षेत्र में मनरेगा मजदूरी बकाया, आंगनबाड़ी व्यवस्था पर उठे सवाल
संविधान यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
स्थानीय विकास खंड म्योरपुर के ग्राम पंचायत कुलडोमरी, जोगिंद्रा एवं रणहोर में बनवासी सेवा आश्रम के कार्यकर्ताओं द्वारा संविधान यात्रा निकाली गई। इस दौरान गांव-गांव चौपाल लगाकर जनसंपर्क किया गया तथा ग्रामीणों को भाईचारा, संविधान के मूल तत्वों, अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी गई।
चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। धुर्वाह गांव में बंधी निर्माण कार्य के दौरान आधा दर्जन मनरेगा मजदूरों की मजदूरी अब तक बकाया होने की बात सामने आई। यही स्थिति जोगिंद्रा एवं कुलडोमरी के अन्य गांवों की भी बताई गई, जहां कई मजदूरों को लंबे समय से मजदूरी नहीं मिली है। मजदूरों का कहना है कि कई बार मांग करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
संविधान यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को मनरेगा से संबंधित नियमों की जानकारी दी और बकाया मजदूरी के लिए आवश्यक रिकॉर्ड संकलित करने हेतु गांव के जागरूक युवाओं से आगे आने का आह्वान किया।
वहीं गुललीडीह एवं खोड़िया गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी वर्कर केवल पोषाहार वितरण के दिन ही केंद्र पर आती हैं, जिससे बच्चों एवं महिलाओं को नियमित सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा सड़क, बिजली और पानी की समस्याओं से भी यात्रियों को अवगत कराया गया।
संविधान यात्रा के संयोजक प्रदीप पाण्डेय एवं केवला दुबे ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना, साथ ही लिंग भेद, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार जैसे मुद्दों पर समाज को संवेदनशील बनाना है।


