सीएसआर अल्ट्राटेक सीमेंट के सहयोग से जैविक शोध केंद्र में सतत आजीविका व प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण

म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि)
म्योरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत रनटोला में सीएसआर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के सहयोग से आज जैविक शोध केंद्र में “सतत आजीविका एवं प्राकृतिक कृषि” विषय पर एक दिवसीय भव्य एक्सपोजर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विधान संस्था के सचिव एवं संस्था प्रमुख डॉ. प्रत्यूष त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में महिला किसानों एवं ग्रामीण कृषकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और रबी सीजन की खेती के लिए आधुनिक एवं प्राकृतिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. प्रत्यूष त्रिपाठी ने पारंपरिक कृषि पद्धतियों को पुनर्जीवित करने, जैव विविधता के संरक्षण तथा जनजातीय आजीविका को सुदृढ़ करने में कृषि की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों से होने वाले

दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लाभों—जैसे मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन—पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही जनजातीय कृषकों को कम लागत वाली प्राकृतिक तकनीकों जैसे जीवामृत, बीजामृत अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सीएसआर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की ओर से नेतृत्व कर रहीं निशा तिर्की ने बताया कि संस्था का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ-साथ आधुनिक वैज्ञानिक खेती की दिशा में आगे बढ़ाना है, ताकि वे कम लागत में अधिक लाभ अर्जित कर सकें।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसमें वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत एवं नीमास्त्र जैसे जैविक खाद एवं कीटनाशकों के निर्माण व प्रयोग की विधि बताई गई। इसके साथ ही गेहूं की एस.डब्ल्यू.आई. (SWI) तकनीक पर प्रकाश डालते हुए पारंपरिक विधि और आधुनिक तकनीक के बीच लागत व मुनाफे का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में पोषण वाटिका (गृह वाटिका) के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया, जिससे परिवार को कुपोषण से बचाया जा सके और घर के पास कम स्थान में ताजी व विषाक्त-मुक्त सब्जियां उपलब्ध हो सकें। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ड्रिप इरिगेशन एवं स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों के लाभ बताए गए। साथ ही कृषि यंत्रों एवं उन्हें क्रय करने हेतु सरकार द्वारा संचालित अनुदान योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर संस्था की ओर से सभी किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर सीएसआर प्रतिनिधि निशा तिर्की, रोहित श्रीवास्तव, प्रशिक्षणकर्ता उपेंद्र यादव, विधान संस्था के कार्यकर्ता विनीत तिवारी, चतुर्गुण जी सहित सहयोगी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


