धान क्रय में शिथिलता व मनमानी का आरोप, रालोद ने डीएम से की शिकायत
सोनभद्र (विकास द्विवेदी) राष्ट्रीय लोकदल कार्यकर्ताओं ने जनपद में धान क्रय व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष श्रीकान्त त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि खरीफ विपणन वर्ष के दौरान जनपद के विभिन्न धान क्रय केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों पर अनावश्यक विलंब, शिथिलता और विशेष रूप से हाइब्रिड धान की खरीद में अधिकारियों की मनमानी सामने आ रही है। नियमानुसार कुल धान क्रय का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा हाइब्रिड धान से होना चाहिए, लेकिन कई केंद्रों पर किसानों के हाइब्रिड धान की खरीद नाममात्र की जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है।
रालोद जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि वर्तमान में लागू धान क्रय सत्यापन प्रक्रिया वास्तविक उत्पादन के अनुरूप नहीं है। इससे किसानों की उपज का पूरा लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि किसान पंजीकरण में दर्ज भूमि के अनुसार प्रति बीघा न्यूनतम 15 कुंतल धान का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि किसानों की वास्तविक उपज की खरीद सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्रीय लोकदल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि धान क्रय केंद्रों पर व्याप्त शिथिलता और मनमानी को तत्काल रोका जाए, हाइब्रिड धान क्रय को निर्धारित 35 प्रतिशत मानक के अनुसार कराया जाए तथा सत्यापन व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएं।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो किसान आंदोलन के लिए विवश होंगे। ज्ञापन देने वालों में भोला पांडेय, मुरली चौहान, बृजनन्दन मौर्य, गंगेश्वर पटेल, सुनील गुप्ता, विकास पांडेय आदि कार्यकर्ता शामिल थे



