कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश त्रिपाठी ने रासपहरी में जाना एसआईआर की प्रगति, कहा—“मतदाता पूछताछ आयोग का अधिकार नहीं”

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत रासपहरी में सोमवार को विद्यालय परिसर स्थित पंचायत भवन पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश त्रिपाठी पहुँचे। यहाँ उन्होंने एसआईआर (Special Intensive Revision) के तहत चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर मौजूद मतदाताओं तथा पुनरीक्षण कार्य में लगे कार्मिकों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया।राजेश त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव आयोग का यह अधिकार नहीं है कि वह मतदाताओं से यह पूछे कि वे कौन हैं या उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए। यदि किसी प्रकार की कमी या घुसपैठ की आशंका है, तो इसकी जांच करने का अधिकार गृह मंत्रालय का है, न कि चुनाव आयोग का। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों और सरकार के पास पहले से ही सभी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, इसलिए लाखों लोगों को दस्तावेज़ों के नाम पर परेशान करना गलत है। सरकार चाहे तो उन्हीं पुराने दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन करा सकती है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरह बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब किए गए, उसी तरह की प्रक्रिया पूरे देश में चलाई जा रही है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने भी एसआईआर कार्य से जुड़ी समस्याएँ रखीं। त्रिपाठी ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएगी और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।मौके पर आशुतोष दुबे, तुलसी दास पनिका, गंभीरा प्रसाद, महेश चंद्र गुप्ता, यूनुस ख़ान, वेद प्रसाद, सिराज अहमद समेत कई स्थानीय कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।



