आशा कार्यकत्रियों ने कार्य बहिष्कार किया, नियमित मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
म्योरपुर/ सोनभद्र (विकास अग्रहरि)म्योरपुर ब्लॉक के कस्बा स्थित आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्रियों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आल इंडिया आशा बहू कार्यकर्त्री कल्याण सेवा समिति की जिलाध्यक्ष प्रतिमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में सीएचसी म्योरपुर पहुंची जहां कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।आशा कार्यकत्रियों ने दो हजार में दम नहीं बीस हजार से कम नहीं का नारा लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सीएचसी अधीक्षक डा० पीएन सिंह को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आशा व आशा संगिनी बहनों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा, नियमित मानदेय, टीए-डीए समेत अन्य भत्तों की व्यवस्था लागू करने की मांग की।आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि 18 वर्षों से
लगातार हम स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। शिशु मृत्यु दर कम करने, पोलियो उन्मूलन अभियान और कोविड-19 महामारी में अग्रिम पंक्ति में काम करने के बाद भी हमें सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि ड्यूटी के दौरान हादसा होने पर 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिजन को नौकरी में प्राथमिकता मिले।आशाओं ने कहा कि प्रदेश भर की आशाएं ने कार्य बहिष्कार कर कलमबंद हड़ताल के साथ ही 15 नवंबर को दिल्ली कूच कर 17 नवंबर को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में आशा बहू कार्यकत्री कल्याण सेवा समिति की जिला इकाई की पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहीं। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।


