मुर्धवा-बीजपुर मार्ग: सड़क किनारे ऊंची पहाड़ियां दुर्घटना को दे रही दावत

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
अभी तक आपने सिर्फ टीवी में ही मूवीयो पर ही पहाड़ियों का अनोखा दृश्य देखा होगा, लेकिन आइए आज हम आपको लिए चलते हैं सोनभद्र के जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित म्योरपुर ब्लॉक मुख्यालय से 5 किलोमीटर पहले मुर्धवा-बीजपुर मार्ग के ग्राम पंचायत रनटोला के जमतीहवा नाले पर सड़क से लगी हुई पहाड़ियों,जहां आए दिन दुर्घटनाएं होने की संभावना 24 घंटे बनी ही रहती है। और हर दो से तीन महीने में दुर्घटनाएं हो ही जाती हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में दिहाड़ी मजदूर एवं हिंडालको,ग्रासिम में काम करने वाले मजदूर, स्कूली बच्चे एवं जिला मुख्यालय में कोर्ट कचहरी के काम से जाने वाले लोग और व्यापारी इसी मार्ग से प्रतिदिन गुजरते हैं। अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पहले से ही विख्यात वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग तो किलर रोड के नाम से जाना ही जाता है, तो दूसरा किलर रोड मुर्धवा-बीजपुर मार्ग बनने में देरी नहीं लगेगी।
— पहली दुर्घटना होने की जगह
जमतीहववा नाले के दोनो छोर पर स्थित सड़क से सटी पहाड़िया
सड़क से सटी जमतीहवा नाले के दोनों चढ़ाईयों पर स्थित पहाड़ियों के कारण विपरीत दिशा से आ रहे वाहनो के न दिखने के कारण अक्सर दुर्घटनाए होती हैं।
— दूसरी जगह
आश्रम मोड़ पर घुमावदार मोड़ होने के कारण एवं विपरीत दिशा पर स्थित ऊंचाई होने के कारण दूसरी दिशा से आ रही भारी भरकम वाहनों के ना दिखाने के कारण भी दुर्घटनाएं होती हैं।
— तीसरी जगह
रासपहरी स्थिति बेचन चढ़ाई में सड़क से सिटी एक छोर की पहाड़ियां होने के कारण विपरीत दिशा से आ रहे भारी भरकम वाहनों के ना दिखाने से आए दिन होती है दुर्घटनाएं।
आखिर कैसे रोके एवं कम किए जा सकते है, मुर्धवा-बीजपुर मे सड़क दुर्घटनाए
स्थानीय ग्रामीण संजय पटेल, दिनेश कुमार,अशोक, मो इलियास, बेचन, नसीम,अरविंद, छोटू दुबे,विष्णु अगृहरि,शाह मोहम्मद,विनीत मोदनवाल,विशाल,सौरभ,विजय,मो इस्माइल आदि ग्रामीणो ने बताया कि अगर जमतीहववा नाले पर स्थित दोनों छोर की पहाड़ियों को अगर संबंधित विभाग काटकर या फिर उसके ऊपर से फ्लावर ओवर निकाला जाए तो,सड़क दुर्घटनाएं रोकी या कम की जा सकती है। दूसरी ओर आश्रम मोड़ के घुमावदार मोड़ को भी इसी प्रकार से काटकर उसकी चौड़ाई बढ़ाई जाए तो दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं,तीसरी रासपहरी पर स्थित पहाड़ी को भी काटकर उसे चौड़ा किया जा सकता है जिससे दुर्घटनाएं कम होंगी।



