65 टन राखड़ जमतिहवा नाले में छोड़ा प्रधान ने जताई नाराजगी

मनरेगा से बना रिटर्निंग वाल क्षतिग्रस्त,मरमत की मांग
राखड़ से जलीय जीवों को खतरा चेक डैम होगा प्रदूषित
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
स्थानीय थाना के मुर्धवा बीजपुर मार्ग के रन टोला स्थित जमतिहवा नाले के पास राखड लड़े हाइवा पलटने से लगभग 65 टन राखड़ नाले में छोड़ दिए जाने और मनरेगा से निर्मित रिटर्निंग वाल क्षतिग्रस्त होने से नाराज प्रधान दिनेश जायसवाल और ग्रामीण राज कुमार खरवार, प्रहलाद, रामचन्द्र, शंख लाल ,राम सिंह, रामबृक्ष, देवनाथ,राम प्यारे,आदि ग्रामीणों ने नाले में गिरे राख को हटवाने और क्षतिग्रस्त रिटर्निंग वाल को मरमत कराने की मांग की है।उपरोक्त लोगों का कहना है राखड़ से नीचे दो सौ मीटर पर चेक डैम बना है और राखड़ नहीं हटाया गया तो सारा राखड़ चेक डैम में जाएगा और जलीय जीवो को नुकसान पहुंचेगा ।इसके बाद उसका पानी रिंहद

जलाशय में जाएगा।उपरोक्त लोगों का कहना है कि सड़कों पर राखड़ परिवहन से सड़क किनारे जगह जगह राखड़ गिराया गया है जो मिट्टी और जंगल को नुकसान पहुंचा रहा है मांग उठाई कि वाहन मालिक नाले में गिरा राखड़ हटाए अन्यथा हम ग्रामीण धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। प्रधान श्री जायसवाल ने कहा कि राखड़ जलीय जीवो और पर्यावरण की दृष्टि से काफी नुकसान देय है ।एन जी टी ने उद्योगों को निर्देशित किया है कि खुले में कही राखड़ ना गिराया जाए लेकिन प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी मौन है। मामले को लेकर क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी आर के सिंह से संपर्क करने पर उनका फोन नहीं उठा।


