अकीदतमंदों ने पूरे इस्लामी शानो शौकत से किया जुलूसे मुहम्मदीं में शिर्कत
–सीओ व कोतवाल मय फोर्स रहे मुस्तैद

दुद्धी, सोनभद्र(मदनमोहन तिवारी) सरकार, मुख्तार, हुजूर, यासीन की आमद मरहबा, नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर, नारे रिसालत या रसूलल्लाह, जश्ने ईद मिलादुन्नबी जिंदाबाद जैसे इस्लामिक नारे व मुस्तफा जाने रहमत पे लाखों सलाम शम-ए-बज्मे हिदायत पर लाखों सलाम जैसे दुरुदो सलाम पढ़ते हुए सैकड़ों की तादाद में मुस्लिम बंधुओं ने शुक्रवार को जुलूसे मोहम्मदी में पूरे जोशो खरोश के साथ शिरकत की। हजरत नासिरे मिल्लत की अगुवाई में जुलूस निकाली गई। दुद्धी नगर सहित रामनगर, डूमरडीहा, खजूरी, बघाडू, डूमरडीहा, दीघुल, पिपराही, मलदेवा आदि ग्रामीण अंचलों के निवासी अकीदत मुस्लिम बंधु अपने सर पर रंग-बिरंगी इस्लामी पगड़ी बांधे जुलूस में सुबह 9 बजे मकतब जब्बरिया ईदगाह पहुंच गए। मख्तब जब्बारिया ईदगाह से निकला

जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्ग से गुजरता हुआ अमवार मोड़ तक गया। फिर वापस जामा मस्जिद के पास आकर महफिले मिलाद के रूप में तब्दील हो गया। जुलूस में शामिल मुस्लिम बंधुओं द्वारा धर्म के लोगों को गुलाब का फूल देकर अपने नगर, क्षेत्र व देश की एकता, भाईचारा तथा मोहब्बत कायम रखने की अपील की गई। मौलानाओं ने हुजूर मुहम्मद साहब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्गों पर चलने की अपील की। तमाम जुर्म सहते हुए लोगों को अल्लाह की इबादत की दावत और अमन का पैगाम दिया। जुलूस में मुख्य रूप से मौलाना हाफिज सईद अनवर, हाफिज नजीर, मौलाना तौहीद साहब, मुस्तफा साहब, सदर कल्लन खान, कलीमुल्लाह खान, फतेहमुहम्मद खान, राजा बाबू, टुन्नू खान, शाहनवाज खान, कौनेन अली, एजाजुल हुदा आशिफ खान सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से एडिशनल एसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार रॉय, कोतवाल मनोज सिंह अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों व पीएसी बल के साथ मुस्तैद रहे।



