बंदरों का आतंक से वैनी बाजार में भय का माहौल
वैनी/सोनभद्र (राजन गुप्ता) वैनी के बाजार में बंदरों ने आतंक मचना सुरु कर दिए हैं। समाजसेवी पूर्व प्रधान मोलन सिंह पटेल के द्वारा बताया गया कि पांच वर्ष पहले तीन बंदर बाजार में आयें थे जिनसे सैकड़ों के संख्या में बंदर बढ़ गए थें गांव और बाजार में औरतों और बच्चों को काटने लगें जिससे भय का माहौल बन गया था जिसे वर्तमान वैनी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सतीश जायसवाल के द्वारा 2 वर्ष पहले वन विभाग के आदेश के अनुसार गोकुल वृंदावन के बंदर फसाने वाले टिम को बुला कर लगभग 80 से 90 बंदरों को पिंजरे में फंसा कर चरगड़ा के जंगल में छोड़ा गया। जिनमें से कुछ दस पंद्रह बंदर बच गए थें उन बचे हुए बंदरों से इस समय काई दर्जनों के संख्या में बंदर बढ़ गये है और फिर पुरे वैनी गांव और बाजार में आतंक मचाना शुरू कर दिए हैं जिससे पुरे वैनी बाजार से वैनी गांव में भय का माहौल बना हुआ है रोजाना दुकान और घरों में घुस कर समान को भी छती पहुंचा रहे हैं और रोज दो चार लोगों को कट भी रहे हैं। जिस विषय में वन विभाग के पेशकार राजी लाल से बात किया गया तो बताएं कि अब बंदरों की प्रजाति गांव में रहने वाले जानवरों के तहत हो हो गई हैं उन सबको गांव के लोग पड़कर बाहर जंगल में छुड़वा सकते हैं।



