वीआईपी सिस्टम मे गिट्टी परिवहन के लिए वरदान साबित हो रहा है लोढ़ी खनिज चेक पोस्ट
गुरमा/सोनभद्र (ओम प्रकाश गुप्ता) सोनभद्र का तानाशाह खनन विभाग अपने ही मुख्यमंत्री एंव मुख्य सचिव का आदेश नही मानता है बताते चले की एक वर्ष पुर्व विडियो कान्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खनिज विभाग के अधिकारियो को उप खनिज सामाग्री की लोडिंग पाइंट से वैध प्रपत्र के साथ परिवहन सुनिश्चित कराने के आदेश दिए थे जिससे हाइवे पर खनिज विभाग द्वारा जाच पड़ताल से होने वाली जाम एंव सड़क दुर्घटनाओ से यात्रीयो को राहत मिल सके। वही सोनभद्र के दौरे पर आए प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को लोढी टोल प्लाजा के समीप काफिला रोक कर वाहन संचालको द्वारा ज्ञापन देकर गिट्टी एंव मोरम लोडिंग पाइंट से अंडर लोड सुनिश्चित कराने समेत खनिज विभाग द्वारा हाइवे मार्गो पर वाहनो के चालान कर उत्पीड़न करने समेत अन्य का घोर समस्याओ का प्रमुखता से शिकायत कर अवगत कराया था। इस पर मुख्य सचिव ने भी हाइवे पर संचालित लोढ़ी पपत्र संग्रह एंव जांच केन्द्र को अवैध मानते हुए तत्काल बंद कराने का फरमान सुनाते हुए लोडिंग पाइंट पर ही जांच केन्द्र स्थापित कर उप खनिज सामाग्री लोडिंग पाइंट से तय मानव एंव वैध खनिज प्रपत्र के साथ सुनिश्चित कराने का आदेश दिए थे। जिससे तत्काल बाद लोढ़ी स्थित खनिज चेक पोस्ट तत्काल बंद हो गया। कितु खनन विभाग के भष्ट एंव तानाशाह खान अधिकारी रवैए से मुख्यमंत्री एंव मुख्य सचिव के आदेशो की अवहेलना कर जिले के खान अधिकारी वीआईपी सिस्टम मे अपने चहेते मार्का एंव अपने गुर्गे चर्चित क्रशर व्यवसाई एंव ट्रांसपोर्टर की की हाइवा एंव टेलर वाहनो को चेक पोस्ट से हरी झंडी मिल सके। वही नियमानुसार गिट्टी एंव बालू परिवहन करने वाले वाहनो पर एक तरफा ई चालान कर जुर्माने के रूप मे करोड़ो की राजस्व वसूली कर अपनी पीठ थपथपाते है। ट्रक संचालक के मुताबिक वीआईपी सिस्टम के उक्त सभी वाहने अक्सर शाम ढलते ही अपने रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट पर मिट्टी एंव कालिख पोत एंव ढक कर ओवरलोड गिट्टी परिवहन करती है जिससे माइनिंग टैग कैमरे के बच सके। यह काला कारोबार पिछले एक वर्ष से खान अधिकारी के संरक्षण मे संचालित है। भारी विरोध के बावजूद यह काला कारोबार नही रूकने से खनिज परिवहन व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है प्रश्न उठता है की पिछले एक वर्ष से सत्ता एंव विपक्ष के नेताओ द्वारा जिले के खान अधिकारी एंव कथित क्रशर व्यवसाई एंव ट्रांसपोर्टर के विरूद्ध लिखित शिकायत एंव समाचार पत्रो मे प्रकाशित खबरे के वावजूद उच्च स्तर पर बैठे हुक्मरान ठोस कारवाई अमल मे क्यो नही ला सके। जिससे निरन्तर भारी पैमाने पर ई फार्म सी प्रपत्र के जरिए होने वाले रोजाना कई लाखों की राजस्व क्षति का सिलसिला बदस्तूर जारी है। वही अन्य वाहन संचालको के लिए गिट्टी परिवहन का कारोबार घाटे का सौदा साबित होने से आक्रोश हो उठे है।



