घायल नील गाय की मौत
दुद्धी(मदन मोहन तिवारी) बघाडू वन क्षेत्र के महुअरिया गांव के पुनर्वास में जंगल किनारे एक घायल नील गाय की मौत हो गई। वन विभाग ने पशु चिकित्सक से उपचार कराई। रेंजर सरिता गौतम ने बताई की बीते 21 मार्च को सूचना मिली कि एक नील गाय को आगे के दाहिने पैर में चोट लगी है। वह विभाग के समस्त कर्मचारी के साथ मौके पर पहुँच कर देखा। पशु हॉस्पिटल से चिकित्सक को बुलाकर उपचार भी कराया। लगातार दो दिन पशु विभाग के द्वारा निगरानी की गई। लेकिन 23 मार्च की रात में नील गाय की मौत हो गई। मृत हालात की सूचना मिलते ही विभाग द्वारा पीएम कराई गई। चिकित्सकों के मुताबिक नील गाय को शरीर के भीतर अंदरूनी चोट होने की वजह से जख्म हो गया था। यह चोट कहीं पहाड़ी से गिरने के बाद ही हो सकता है। जिसमें पैर भी फ्रैक्चर हो गया था। शव के पीएम के बाद विधिक कार्यवाही की गई।
दुद्धी। बघाडू रेंजर सरिता गौतम ने ग्रामीणों को जागरूक करने में लगातार जुटी हुई हैं। उनका कहना है कि महुआ बीनने के लिए जंगल क्षेत्र के कई इलाकों में महुआ पेड़ के आसपास पत्तों को साफ करने के लिये आग लगायी जा रही है। इससे जंगल को काफी नुकसान हो रहा है। छोटे-छोटे पेड़-पौधों व वन प्राणियों को क्षति पहुंच रही है। साथ ही जंगली औषधीय पौधे भी नष्ट हो रहे हैं। विभाग द्वारा गांव-गांव में लोगों से संपर्क कर जंगल में आग नहीं लगाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। बीते दिन टेढ़ा गांव में आग लगी हुई थी। विभागीय कर्मचारियों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था। इसलिए सभी से अपील है कि धूम्रपान कर उसे सूखे पत्तों के बीच न फेंके।



