स्टाफ क्लब, हिन्डाल्को, रेणुकूट में डेंगू-मलेरिया से बचाव की कार्यशाला आयोजित।
टाउन एडमिन एस पी सिंह की अध्यक्षता में हिन्डाल्को टाउन एडमिनिस्ट्रेशन, चिकित्सक, शिक्षक, महिला मंडल एवं अन्य हुए शामिल।

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक के रेणुकूट स्थित हिंडाल्को में
डेंगू-मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों पर जनसहभागिता के द्वारा नियंत्रण किया जा सकता है। समय-समय पर एन्टीलारवल का छिड़काव, फॉगिंग तथा सोर्स रिडक्शन के द्वारा मच्छर के घनत्व को कम किया जा सकता है। डेंगू के मच्छर घर के आसपास इकठ्ठा हुए पानी में पनपते हैं। साप्ताहिक अंतराल पर साफ-सफाई एवं सोर्स रिडक्शन के द्वारा लार्वा समाप्त हो जाता है। घर के अंदर कूलर, टूटे बर्तन, फ्रिज की ट्रे, गमले, टायर, निष्प्रयोज्य बर्तन, ओवरहेड टैंक एवं छत पर इकठ्ठा हुए पानी में मच्छर के लार्वा पनपते हैं। जिसे बहुत आसानी से पानी गिराकर एवं अंदर की सतह को साफ कर डेंगू से बचा जा सकता है। डेंगू-मलेरिया की जांच एवं उपचार समस्त सरकारी चिकित्सालय में मुफ्त उपलब्ध है। अतः किसी झोलाछाप के चक्कर में ना पड़े। झोलाछाप चिकित्सक के द्वारा बीमारी का आधा-अधूरा उपचार किया जाता है, इस प्रकार कुछ समय के लिए तात्कालिक आराम तो मिल जाता है किंतु बीमारी का पूर्ण एवं आमूल उपचार नहीं हो पाता है।
बुखार, बदन दर्द, आँखो के पीछे एवं पेट दर्द ये सभी डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू की बीमारी हो जाने पर घबराए नहीं। इसका पूर्ण उपचार संभव है।
बुखार आने पर तत्काल रक्त जाँच कराइए एवं डेंगू डाइग्नोस हो जाने पर कम्प्लीट बेड रेस्ट के साथ ही लिक्विड भोजन करना चाहिए। यह बुखार अपने-आप ठीक हो जाता है कुछ परिस्थित में रोगी के शरीर पर चकत्ते होने, रक्त स्राव होने अथवा प्लेटलेट की मात्रा कम होने पर तत्काल चिकित्सालय में भर्ती होकर उपचार कराना चाहिए।
जिला मलेरिया अधिकारी के द्वारा बताया गया जिला मलेरिया अधिकारी श्री धर्मेंद्र ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत तीन अलग अलग अभियान चलाए जा रहे हैं ।
01 जुलाई से आरंभ संचारी अभियान के अंतर्गत संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपद के 11 विभाग यथा पंचायत राज, नगर निकाय, पशु, कृषि, बाल विकास, शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग इत्यादी मिलकर कार्य कर रहे हैं।
11 जुलाई से दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा एवं आंगनबाड़ी वर्कर्स घर-घर जाकर बुखार, आइ एल आइ, कुष्ठ, फाइलेरिया एवं टीबी के लक्षण वाले रोगियों की सूची बनाने के साथ ही कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण भी कर रही हैं।
01 जुलाई से 31 अगस्त तक स्टाप डायरिया कैम्पेन के अंतर्गत आशा के द्वारा घर-घर जाकर ओ आर एस के पैकेट एवं जिंक की गोली वितरित करने के साथ ही डायरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।



