ईद के चाँद का हुआ दीदार, ईद-उल-फितर कल

चाँद नजर आते ही लोगों ने दी एक-दूसरे को मुबारकबाद

बधाइयों में व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया का जमकर उपयोग
दुद्धी, सोनभद्र। बुधवार की शाम ग़ुरूब आफताब (सूर्यास्त) के वक्त ईद के चांद का दीदार होते ही लोगों का एक-दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। ख़ुशी के इज़हार का इंसानी तरीकों में पिछले वर्षों की तुलना में बदलते साल के तरीकों और संसाधनों में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। लोगों के सामने होने पर मुसाफा (हाथ मिलाकर) और गले लगाकर मुबारकबाद देने की परंपरा तो सदियों से कायम है, मगर बदलते दौर में व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया का जमकर उपयोग करते हुए एक दूसरे को चांद मुबारक मैसेज के पैगाम का आधुनिकता भरा सिलसिला जारी है।

बेहद मुत्तक़ी और परहेजगार नमाजी कलीमुल्लाह खान कहते हैं कि हर एक अमीर-ग़रीब, बच्चा-बूढ़ा ये सोचता है कि कैसे सुबह हो और नमाज़ अदा की जाए। लोगों के दिल-ओ-दिमाग़ में बार-बार ये ही बात आती है कि ख़ुदा का लाख-लाख शुक्र है कि जो उसने हमें रमज़ान जैसा पाक महीना और रोज़े जैसी बरकत दी है और उन्ही मेहरबानियों का नतीजा ईद है।

हाफिज रजाउल मुस्तफा कहते हैं कि अकीदतमंदों के लिए यह इस बात का भी सबूत है कि ख़ुदा ने हमारी रमजान की इबादत क़ुबूल कर ली और हमें ईद का नायाब तोहफा अता किया।

फैजाने रजा कमेटी के सदर रिज्वानुद्दीन रज़ा कहते हैं कि चाँद नजर आते ही लोग अपनी जरूरतों की चीज़ की ख़रीदारी की जुगाड़ में लग गए। बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा है। मानो उन्होंने ख़ुशी का समन्दर पा लिया हो।
ईद की नमाज ईदगाह में 8 और जामा मस्जिद में 8.30 बजे की जाएगी अदा

दुद्धी, सोनभद्र। पंजवक्ता और तरावीह की मुसलस्सल नमाज अदा करने वाले फतेहमुहम्मद खान उर्फ मन्नू ने बताया कि मस्जिद में एलान के मुताबिक ईद-उल-फितर पहली नमाज मकतब जब्बरिया ईदगाह में सुबह 8 बजे कुल्लियतुल बनात व कादरिया गर्ल्स कॉलेज के संस्थापक हजरत नसीरे मिल्लत की जेरे इमामत में मुस्लिम हजरात अदा करेंगे जबकि दूसरी नमाज जामा मस्जिद में 8.30 बजे पेशिमाम हाफिज सईद अनवर द्वारा पढ़ाई जाएगी।



