भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मनाया पार्टी का स्थापना दिवस।

– भाकपा के स्थापना दिवस पर झंडा फहरा कर किया गया गोष्ठी का आयोजन।
सोनभद्र (ओमप्रकाश गुप्ता)
सोनभद्र।मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना के 98 वर्ष पूर्ण होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक इंकलाबी गगनभेदी नारों के साथ स्थापना दिवस मनाया गया। पटवध स्थित पार्टी के जिला क्षेत्रीय कार्यालय पर झंडा फहराया गया और कार्यकर्ताओं ने इंकलाबी नारे के साथ पार्टी का झंडा गान गाया। इसके बाद देश और कम्युनिस्ट की भुमिका विषय पर गोष्ठी संपन्न हुआ, जहां वक्ताओं ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्थापना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे तमाम युवा जो देश के अंदर और देश के बाहर के थे और जिन्होंने मार्क्सवाद को पढ़ा जो सोवियत क्रांति से प्रभावित हुए विदेश में अलग-अलग और देश में भी अलग-अलग ढंग से काम कर रहे थे वे

सभी आजादी के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे इन सब ने मिलकर 25 एवं 26 दिसंबर 1925 में पार्टी की स्थापना किया। पार्टी की स्थापना कानपुर नगर में हुई थी, कानपुर में हुए प्रथम सम्मेलन के स्वागत अध्यक्ष मौलाना हसरत मोहनी जो तत्कालीन समय में ख्याति लब्ध हो चुके थे और महान स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं उन्होंने ने इस भूमिका का निर्वाहन किया था। इसके बाद से इस देश के अंदर कम्युनिस्ट पार्टी ने संगठित रूप से काम करना शुरू किया देश की आजादी के बाद प्रथम चुनाव में जो सन 1952 में हुआ उसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को ही यह श्रेय जाता है कि उसने देश की पहली गैर कांग्रेसी विपक्षी दल की सरकार बनाई।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभाव के चलते ही इस देश के अंदर आजादी के बाद सामंती प्रभाव के विरुद्ध छुआछूत, जात, पात एवं गरीबों के लिए जमीनों के हकदारी का आंदोलन चला। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के द्वारा चलाए गए आंदोलन के प्रभाव से इस देश के अंदर बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ और राजाओं का प्रिवी पर्स समाप्त हुआ जिसका श्रेय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को ही जाता है। इस देश के अंदर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आम आदमी के हाथ में राशन कार्ड का इंतजाम पार्टी की देन है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का मुख्य लक्ष्य इस देश के अंदर मजदूरों किसानों और गरीबों का शासन स्थापित करना है । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी देश के धन्ना सेठों और कारपोरेट जगत से कोई चंदा नहीं लेती और कभी भी कम्युनिस्ट पार्टी ने जाति नस्ल धर्म का सहारा नहीं लिया चाहे चुनाव जीते चाहे हारे लेकिन सिद्धांतों से कम्युनिस्ट पार्टी ने कभी भी समझौता नहीं किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर कम्युनिस्ट आंदोलन के बिखराव के ऊपर भी चर्चा की और इस बात पर संतोष जताया कि अब कम्युनिस्ट एकता की ओर देश आगे बढ़ रहा है और वामपंथी एकता के बल पर वामपंथी शक्तियां देश के दूसरे जनतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को एकजुट करते हुए देश के संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आए हुए खतरे के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। वक्ताओं ने जनपद की समस्याओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि समस्याओं के निदान के लिए लोगों को एकजुट कर पार्टी आंदोलन को तेज करेगी।इस अवसर प्रमुख रुप से पार्टी के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, सहसचिव कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा, कामरेड अशोक कुमार कन्नौजिया(एडवोकेट), कामरेड बसावन गुप्ता, कामरेड बुद्धिराम, कामरेड अमरनाथ सूर्य, कामरेड चंदन प्रसाद, कामरेड हृदय नारायण, कामरेड धनुक प्रसाद पनिका , कामरेड दिनेश गोंड़ , कामरेड दलबीर सिंह खरवार, कामरेड दिनेश बर्मा, कामरेड मोतीलाल,कामरेड बंधू गोंड, कामरेड रामदास, कामरेड राम विलास कोल, कामरेड बुद्धि राम खरवार,कामरेड तारकेश्वर, कामरेड अनंत भारती व पार्टी के तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के वरिष्ठ कामरेड मेवालाल जी ने और संचालन कामरेड प्रेमचंद्र गुप्ता जी ने किया।


