बेटियां घर की रहमत है। -मुफ्ती मुजाहिद हुसैन

आया आया देखो आमना का लाल आया
जशने ईद मिलादुन्नबी में पुरी रात झुमे इश्क़े रसुल।
मशहूर शोहराये कराम ने नातिया कलाम से बांधा समां।
बभनी, सोनभद्र। बभनी विकास खण्ड के बचरा गांव में जसने ईद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम हुआ जिसमें देश के मशहूर उलमाये कराम व शोहराये कराम ने शिरकत किया। पुरी रात लोगों ने एक से बढ़कर एक नातिया कलाम व रुहानी तकरीरें सुनी। जलसे की शुरुआत कारी नसीम ने कुरान पाक आयत सुना कर उसका मतलब बताया। मप्र से आये शायर असद कमाल ने जब “आयें आयें आमना के लाल आये” पर पुरा मजमा झुमे उठा ।उसके वाद रांची झारखंड से आये भारत के मशहूर शायर दिलकश राचवी ने ये कलाम पढ़कर मजलिस को बेदार कर दिया कि किस्मत से घर में किसी के आती है बेटियां खुशियों की सौगात लाती है बेटियां। जैसें जैसे रात ढल रही थी जलसा अपने सवाब पर चल रहा था । फैजाबाद से आये मुफ्ती सैयद असफाक अहमद ने नबी की आमद पर लोगों को बताया की हमारे नबी दुनिया के लिए रहमत बनके आये लोगों को सही दीन व जीवन गुजार ने का सही तरीका बताया। शहरें मक्का में उस समय जिनके घरो बेटी पैदा हो जाती थी तो उसे जिन्दा जमीन में गाड़ देते। हमारे नबी ने कहा कि बेटियां तो घरों की रौनक है। उन्होंने ने इस से लोगों रोका। प्रयागराज से आये मुफ्ती मुजाहिद हुसैन ने अपनी तकरीर से लोगों में जोश भर दिया। उन्होंने ने कहा कि बेटियां घर के लिए रहमत है हमारे नबी सल्लआहओ आलेही वसल्लम का खानदान बेटीयों से ही आगे बढ़ा उन्होंने नबी रसूल के उसूलों पर अमल करनके ही जीवन का बेड़ा पार हो सकता है। जलसे का नकाबत तबीब आलम ने किया। तथा सदारत मौलाना इसहाक मिस्बाही ने किया इस मौके पर मौलाना मजमुद्दीन साहब मौलाना सगीर साहब मौलाना एकरामुल हक व शायर गुलाम नबी तथा ख्वाजा खां, रौशन जहां ,हाजी खलील , रफीक खान, शकील अंसारी आदि लोग मौजूद रहे।



