रेणुकूट को सरगुजा से जोड़ने के लिए जनजागरण : 1 सितंबर से पदयात्रा

रेणुकूट/सोनभद्र (रामकुमार गुप्ता) रेणुकूट को सरगुजा से रेल मार्ग के माध्यम से जोड़ने के लिए, सरगुजा क्षेत्र रेल संघर्ष समिति 1 सितंबर को रेणुकूट से अंबिकापुर तक की पदयात्रा प्रारंभ करेगी। अंबिकापुर रेणुकूट रेल जुड़ाव चेतना पदयात्रा,इस रेल मार्ग के प्रस्तावित सभी स्टेशनों से होकर गुजरेगी जिसका समापन अंबिकापुर में होगा। रेणुकूट अंबिकापुर रेल जुड़ाव चेतना पदयात्रा के शुभारंभ के अवसर पर राज्यसभा सांसद रामशकल, प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री संजीव गौड़,राबर्ट्सगंज के विधायक भूपेश चौबे एवं राष्ट्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श दात्री काउंसिल NRUCC रेल मंत्रालय के सदस्य श्रीकृष्ण गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
सोनभद्र का दक्षिणांचल, जिसकी सीमाएं छत्तीसगढ़ से लगती हैं, यातायात शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में पिछड़ा और उपेक्षित माना जाता रहा है। रेणुकूट को सरगुजा से रेल के माध्यम से जोड़कर मुख्य धारा में लाने के लिए यह जन जागरण अभियान ‘चेतना पदयात्रा’ का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि रेणुकूट से अंबिकापुर के लिए रेलवे विभाग द्वारा सर्वे कार्य हो चुका है जिसमें दोनों के मध्य 11 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस रेल मार्ग निर्माण को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अतिरिक्त पूर्व मध्य रेलवे से भी रेल मार्ग निर्माण की संभावनाओं पर काम चल रहा है। इस रेल मार्ग के बन जाने से बनारस,प्रयागराज अयोध्या से रायपुर पुरी तक लोगों को सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।साथ ही सोनभद्र क्षेत्र खनिज वनोपज बहुल है यहां से कोयले और बाक्साइट का परिवहन सुगम हो सकेगा। सोनभद्र क्षेत्र में व्यापार को गति मिलेगी, इसके अतिरिक्त शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास के लिए भी, यह रेल लाइन मील का पत्थर साबित होगी। इस चेतना पदयात्रा की घोषणा के बाद से क्षेत्र के लोगों में नई आशा का संचार हुआ है। लोग आशान्वित हैं कि भविष्य में पुरी और बनारस से उनकी यात्रा सुगम सस्ती और त्वरित रूप से हो सकेगी। रेणुकूट अंबिकापुर रेल विस्तार अभियान को लेकर की जा रही इस पदयात्रा का शुभारंभ रेणुकूट रेलवे स्टेशन से 1 सितंबर शुक्रवार को होगा। पदयात्रा के प्रारम्भ के अवसर पर राज्यसभा सांसद रामशकल के साथ जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि गण भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सरगुजा क्षेत्र रेल संघर्ष समिति के संयोजक पूर्व विधायक देवेश्वर सिंह ने बताया कि इस चेतना पदयात्रा को लेकर सरगुजा क्षेत्र में भी बहुत उत्साह का वातावरण है। समाज के सभी वर्गों बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों की इस रेल मार्ग निर्माण को लेकर चलाए जा रहे हैं अभियान में सहभागिता दिनों दिन बढ़ती जा रही है। एक और दो सितंबर को यह पदयात्रा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से गुजरेगी, उसके बाद पदयात्रा का छत्तीसगढ़ में प्रवेश होगा। पहले दिन की यात्रा का रात्रि विश्राम सेवाकुंज आश्रम, कारीडांड चपकी में होगा। इस पदयात्रा को लेकर इससे संबंधित पोस्ट का विमोचन करने के साथ ही समर्थन पत्र संग्रहण और हस्ताक्षर अभियान प्रारंभ हो चुका है।
चेतना पदयात्रा के आयोजन से जुड़े सरगुजा क्षेत्र रेल संघर्ष समिति के सदस्यों ने आग्रह किया है कि सोनभद्र के दक्षिणांचल क्षेत्र के भी अधिकाधिक लोग इस पदयात्रा में सहयात्री और सहभागी बने।



