देश की आजादी में डीएवी का अहम योगदान — कुलश्रेष्ठ

बीजपुर(विनोद गुप्त) स्वतंत्रता दिवस की पूर्व बेला में डीएवी पब्लिक स्कूल एनटीपीसी रिहंदनगर में भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि विद्यालय के नामित अध्यक्ष अमित कुमार कुलश्रेष्ठ एवं श्रीमती दीपाली कुलश्रेष्ठ का प्राचार्य राजकुमार ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में डीएवी का अहम योगदान रहा है। लाला लाजपत राय, राम प्रसाद बिस्मिल, चन्द्र शेखर आजाद आदि वीर सेनानी डीएवी आंदोलन से हीं निकले थे।कक्षा एल के जी से लेकर कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेकर देशभक्ति का समां बांध दिया। ज्ञातव्य हो कि नौ अगस्त से हीं विद्यालय में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। नौ अगस्त- क्रांति दिवस के अवसर पर प्राचार्य राजकुमार के निर्देशन में पूरा विद्यालय परिवार ‘पंच प्रण शपथ’ लिया। इस दिन विद्यार्थियों ने अमृत कलश हेतु अपने अपने घरों से मिट्टी लाकर कलश में संग्रह किया।दस अगस्त को विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा निकाली। विद्यार्थियों के देशभक्ति पूर्ण गगनभेदी नारों से संपूर्ण वातावरण गूंजायमान हो गया। ग्यारह अगस्त को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने वृक्षारोपण कर धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। बारह अगस्त को अमर शहीदों की वीर गाथाओं पर संवाद स्थापित किया गया।सोमवार को विद्यालय में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावक भी शामिल हुए। आज के कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों को अभिभावकों के कर-कमलों से पुरस्कृत किया गया। साइंस ओलंपियाड के विजेताओं को महाप्रबंधक अमित कुमार कुलश्रेष्ठ एवं श्रीमती दीपाली कुलश्रेष्ठ ने सर्टिफिकेट प्रदान कर बच्चों का उत्साह वर्द्धन किया। प्राचार्य राजकुमार ने संस्कारयुक्त शिक्षा पर बल देते हुए देश के अमर शहीदों को नमन किया। इस अवसर पर कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा आकृति गौतम ने जोरदार भाषण दिया। विद्यालय के कैप्टन- आकाश पांडे, साक्षी सिंह, उप कप्तान- सुफिया साद एवं ज्यान्शु, सांस्कृतिक कैप्टन- ज्योति सिंह और विशाल राव एवं स्पोर्ट्स कैप्टन- राहुल कुमार वैश्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इस अवसर पर पूरे विद्यालय परिवार में हर्षोल्लास देखा गया। अंत में डाॅ० आर के झा ने धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।



