कर्ज में दबे शिक्षामित्र ने आत्महत्या की दी धमकी

बीजपुर(विनोद गुप्त) शिक्षा क्षेत्र म्योरपुर अंतर्गत जरहा न्याय पंचायत के नेमना गांव में एक विद्यालय पर तैनात बेटी की शादी के बाद कर्ज में डूबे और सरकारी कार्य के दबाव में एक शिक्षामित्र ने डीएम सोनभद्र एसडीएम दुद्धि और एबीएसए म्योरपुर को पत्र लिख कर आत्महत्या की धमकी दी है।शनिवार को तहसील दिवस में दिये गए पत्र पर गौरकरे तो ज्वालाप्रसाद विश्वकर्मा पुत्र पंचम विश्वकर्मा शिक्षामित्र कम्पोजिट विद्यालय नेमना में तैनात है। आरोप है कि स्कूल में टीचर की कमी के कारण अपने क्लास के बच्चों को पढ़ाने के बाद कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को गणित की पढ़ाई करनी पड़ती हैं। इसके लिए उन्हें पहले पढ़ना पड़ता है फिर पढ़ाना पड़ता है।आरोप है कि पिछले महीने उन्नीस लोगों से कर्ज लेकर बेटी की शादी की थी जिसका कर्ज लौटना बाकी है इसके लिए उन्हें टीयूशन सहित मजदूरी और अन्य साइड कार्य भी करना पड़ रहा है। घर की माली हालत ठीक न होने के कारण शिक्षामित्र की नौकरी में मिल रहे दस हजार की पगार से गुजरा नही हो रहा है। इसी बीच उनको बीएलओ की जिम्मेदारी सौंप दी गयी जिसके कारण साइड कार्य करने के लिए समय का अभाव हो गया है और कर्ज देने वालों के वसूली का दबाव बढ़ने से तनाव में हैं।आरोप है कि गाँव की आंगनबाड़ी को बीएलओ की डियूटी से हटा कर द्वेष बस उनको यह जिम्मेदारी दी गयी है जब कि पंचायत सहायक को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती थी।बीईओ म्योरपुर विश्वजीत कुमार ने कहा कि किसी के साथ अन्याय नही होगा इसके लिए वे उच्चाधिकारिकरियो से बात करेगें और इसका कोई समाधान निकाला जाएगा।



