मेंढक – मेंढ़की की शादी में जमकर नाचे ग्रामीण

सोनभद्र में बारिश के लिए अनोखी परंपरा
लिलासी, सोनभद्र (शफीक आलम)।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत लिलासी के ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से इंद्र देव को खुश करने के लिए मेंढक और मेंढकी की शादी की. ढोल नगाड़ों के बीच दो गांव के लोगों ने मिलकर इस शादी कार्यक्रम का आयोजन किया. पूरे रीति रिवाज से मेंढक और मेंढकी की शादी कराई गई। लोगों का ऐसा मानना है कि मेंढक-मेंढकी के मिलन से आमतौर पर अच्छी बारिश होती है।
बारात लिलासी पोखरी से चलकर के मुरता नदी नाग देवता की स्थान पर धूमधाम से ढोल बाजे के साथ बाराती नाचते झूमते पहुंचे।
यह परंपरा काफी पुराना है, आदिवासी ग्रामीणों का मानना है कि मेंढको की विवाह करा कर ईश्वर को प्रसन्न किया जाय जिससे बारिश हो।
बारात में उपस्थित ग्राम प्रधान रामनरेश जायसवाल, गांव के सेवक बैगा, भगवान देव, मथुरा प्रसाद, लखराज, रामदुलार,धर्मजीत, बाबूलाल व काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




