राम कथा ज्ञान यज्ञ का सातवां दिन यज्ञ में राम कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
पन्नूगंज सोनभद्र अरविंद गुप्ताचतरा क्षेत्र पन्नूगंज थाना अंतर्गत भटपुरवा भवानी गाँव स्थित अष्टसिद्धि उत्तराभिमुख बाल हनुमान मंदिर में चल रही कथा के सातवें दिन श्रीधाम वृंदावन से पधारे आनंद शास्त्री ने संबंधों को मधुर बनाए रखने की अपील की।जनक जी के माध्यम से बताया की अगर किसी के पास सम्बन्धियों को प्रसन्न कर सके ऐसे दो शब्द नही है वो संसार का सबसे निर्धन और दरिद्र व्यक्ति है।जीव के सभी पापों का प्रायश्चित है किन्तु कृतघ्नता का कोई प्रायश्चित नही है।श्री राम और निषाद की मित्रता का उदाहरण देते हुए शास्त्री जी ने बताया की राम को दलित विरोधी सिद्ध करना ये षड्यंत्रकारियों का कुकृत्य है।जिन्होंने अपने जिवन में सबसे अधिक दलितों, वनवासियों और पिछड़ों पर ही कृपा की हो उनके प्रति समाज के एक धड़े को भड़काना ये एक व्यापक षड्यंत्र है जिसमे स्वदेशी और विदेशी शक्तियां लिप्त है।केवट की कथा के माध्यम से बताया की भक्त को सर्वथा अपेक्षा से दूर रहना चाहिए।व्यक्ति धन नही अपितु स्वभाव से दरिद्र होता है।तीर्थराज प्रयाग का नाम इलाहाबाद से प्रयाग करके वर्तमान शहर
को नया जीवन प्रदान किया है योगीजी ने।साथ ही साथ बताया की जो अपनी सेवा से अपने माता पिता को प्रसन्न किये हुए है वह व्यक्ति घर बैठे प्रयाग में गोते लगा रहा है।सारे तीर्थ सूक्ष्मरूप से माता पिता के चरणों मे करते है वास।इस औसर पर समर्थ गुरु रामदास जी महाराज, कार्यक्रम के संयोजक रविप्रकाश चौबे अरुणदेव पाण्डेय अशोक चौबे रमाकांत पाण्डेय दयाशंकर देव राहुल सिंह दामोदर देव अश्वनी सिंह पंकज पाण्डेय प्रकाश मनोज सिंह मुन्ना पाण्डेय भोला गुप्ता समेत श्रद्धालुओं और प्रभु प्रेमियों का हुजूम भी देखने को प्राप्त हुआ



