वेज रिवीजन के लिए चला हस्ताक्षर अभियान

सीएम को संबोधित पत्रक पर सैकड़ों मजदूरों ने किए हस्ताक्षर
अनपरा, सोनभद्र। मजदूरी दर का तत्काल वेज रिवीजन करने, श्रम कानूनों को लागू करने व मजदूरों के बेइंतहा शोषण को रोकने के सवाल पर अनपरा में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। तापीय परियोजना के सैंकड़ों मजदूरों ने सीएम को संबोधित पत्रक पर हस्ताक्षर कर ठेका मजदूर यूनियन द्वारा शुरू की गई मुहिम का समर्थन किया। मजदूरों से संवाद करते हुए ठेका मजदूर यूनियन के जिला मंत्री तेजधारी गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 74 शेड्यूल इंडस्ट्रीज में कार्य करने वाले मजदूरों का 2014 में वेज रिवीजन हुआ था। इसके बाद 5 साल के अंतराल में होने वाले वेज रिवीजन को 2019 में किया जाना था लेकिन 2019 से प्रदेश में इसके लिए बनी कमेटी भंग है। वेज रिवीजन न होने से बेइंतहा मंहगाई के चलते मजदूरों की आमदनी में भारी कमी आयी है जिससे उन्हें बेहद कठिन हालातों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि मजदूरों की उपेक्षा का ही आलम है कि प्रदेश के मजदूरों की मजदूरी केंद्र सरकार की न्यूनतम मजदूरी के सापेक्ष लगभग आधी रह गई है। इसलिए तत्काल यह जरूरी है कि प्रदेश में मजदूरी दरों में बढ़ोत्तरी की जाए और श्रम कानूनों का कड़ाई से अनुपालन हो। हालत यह है कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र सोनभद्र में श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। मजदूरों को कानूनों में प्राप्त बोनस, रोजगार कार्ड, हाजरी कार्ड, वेतन पर्ची, ग्रेच्युटी आदि नहीं दिए जाते हैं। अनपरा तापीय परियोजना में तो आम तौर पर सिविल काम करने वाली महिला मजदूरों को मनरेगा से भी कम ₹200 मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। परियोजना में कई – कई माह तक मजदूरी का भुगतान नहीं होता है। अपने अधिकार मांगने पर मजदूरों को काम से निकाल दिया जाता है। अनपरा डी में काम कराने वाली आका कंपनी ने मजदूरों को बिना नोटिस दिए काम से हटा दिया। मजदूरों को नोटिस पे, छंटनी प्रतिपूर्ति, बोनस, सवैतनिक अवकाश का भी भुगतान नहीं किया गया। कहा कि सोनभद्र जनपद में ईएसआई के तहत सभी मजदूरों को लाया गया था लेकिन अभी भी अनपरा समेत तमाम परियोजना में मजदूरों को ईएसआई के तहत पंजीकृत नहीं किया गया। बार- बार मांग करने के बावजूद अनपरा व ओबरा औद्योगिक केंद्रों में ईएसआई के अस्पताल नहीं खोले गए। खतरनाक उद्योगों की श्रेणी में आने के बावजूद अनपरा परियोजना में सुरक्षा उपकरण तक मजदूरों को नहीं दिए जाते हैं परिणामस्वरूप अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं । इन हालातों में सीएम से हस्तक्षेप करने और जिलाधिकारी सोनभद्र को उप श्रमायुक्त, प्रबंधकों व मजदूर प्रतिनिधियों की त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने के लिए निर्देशित करने की मांग की गई है। हस्ताक्षर अभियान में इम्तियाज शेख, गोविंद प्रजापति, कृष्णा यादव, रामेश्वर गुप्ता, नीरज सिंह, दद्उ यादव, रणधीर राव, जवाहरलाल, बाबूलाल, कैलाश मौर्या, उर्मिला यादव, चम्पा देवी, राजकुमार, उदित नारायण, अशोक प्रजापति, तपन विश्वकर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।



