अखंड शौभाग्य के लिए महिलाओं ने किया वटवृक्ष की पूजा
बीजपुर(विनोद गुप्त)
एनटीपीसी रिहंदनगर टाउनशीप स्थित कल्याण केन्द्र के समीप विशाल वटवृक्ष है। इसी वटवृक्ष की पूजा सालों से होती चली आ रही है। शुक्रवार को आवासीय परिसर स्थिति प्रियंका श्रीवास्तव, मीनू लाल, रीतू तिवारी, पिंकी गुप्ता,गीता शुक्ला सहित सैकड़ों सुहागिन स्त्रियों ने बड़ी संख्या में इसी वटवृक्ष के नीचे सावित्री व्रत के अवसर वटवृक्ष की पूजा कर अखंड शौभाग्य प्राप्ति की मंगल कामना की। सैकड़ों की संख्या में जुटी महिलाओं ने वट सावित्री ब्रत के अवसर पर सावित्री कथा सुना कर विशाल बृक्ष की परिक्रमा करते हुए सात फेरा सूत के धागा को वटवृक्ष में बांध कर पति के दीर्घायु की मंगल कामना कर भजन और गीत गाए। कहा जाता है कि हिन्दू धर्म मे वटवृक्ष को पीपल की तरह ही पूज्यनीय माना जाता है वटवृक्ष की आयु सौकड़ों साल होती है। जेष्ठ मास की अमावस्या तिथि को सावित्री ने यमराज को प्रशन्न करने के लिए वटवृक्ष के नीचे बैठ कर व्रत और पूजा कर सत्यवान के नेत्र की रौशनी,छीना हुआ राज्य,अपने लिए सौ पुत्रों का बरदान यमराज से माँगा था। सावित्री के अखंड व्रत से प्रशन्न यमराज ने तथास्तु कहने के बाद यमराज समझ गए कि सावित्री के पति को साथ ले जाना सम्भव नही है।उसी दिन उन्हों ने सावित्री को अखंड शौभाग्य का बचन दिया और सत्यवान के साथ सावित्री अपने राजमहल को वापस गयी तभी से हिन्दू धर्म की महिलाएं वटवृक्ष की पूजा करती चली आ रही हैं।



