आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का बने स्मारक

आदिवासी वनवासी महासभा द्वारा चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान
आदिवासी वनवासी महासभा जिलाधिकारी को देंगे पत्रक
बभनी, सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव में सोनभद्र के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शनिचर राम खरवार और रामेश्वर खरवार के बभनी ब्लाक के गांव घाघरा व चौना में मूर्ति स्थापना की मांग जोर पकड़ती जा रही है. आदिवासी वनवासी महासभा के बभनी संयोजक इंद्रदेव खरवार ने इस मांग पर पूरे बभनी में हस्ताक्षर अभियान चलाया हुआ है. शीघ्र ही बभनी के जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर युक्त पत्र जिलाधिकारी सोनभद्र को दिया जाएगा. प्रेस को जारी अपनी विज्ञप्ति में इंद्रदेव खरवार ने कहा कि देश में इस समय आजादी का अमृत महोत्सव आयोजित किया जा रहा है. इसके तहत भारत सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में उनकी स्मारक, मूर्तियां बना रही है और विभिन्न शहरों के नाम उनके नाम पर कर रही है. लेकिन दुद्धी तहसील के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भुला दिया गया है. अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने का आदिवासियों का बड़ा इतिहास रहा है. पूरे देश में जल, जंगल, जमीन पर अधिकार के लिए आदिवासियों ने संघर्ष किया. तिलका मांझी, श्वेतांबर पीतांबर, बिरसा मुंडा जैसे तमाम आदिवासी नायक अंग्रेजो के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए. दुद्धी में भी 1941 के आंदोलन में शनीचर खरवार और रामेश्वर खरवार को अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने में जेल हुई और उनके ऊपर जुल्म ढाया गया था. ऐसी स्थिति में दोनों की याद में उनके गांव घघरा व चौना में उनकी मूर्ति स्थापित की जानी चाहिए. इस संबंध में बभनी के जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा हैं जिसमें बरवे, घघरा, चौना, चैनपुर, मच बंधवा, बजिया, धनवार, घघरी,बैना, कोगां, आदि गांव के ग्राम प्रधानों ने हस्ताक्षर किया है और भी गांव के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर हस्ताक्षर कराया जाएगा और बभनी में आदिवासी सम्मान के लिए बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।



