मोबाइल पर रोक मौलिक अधिकारों का हनन – दिनकर
उप श्रमायुक्त को सौंपा पत्रक
रेणुकूट, सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र जनपद के ग्रासिम केमिकल प्लांट और ग्रासिम सीमेंट कारखाने में ठेका मजदूरों के मोबाइल ले जाने पर प्रबंधन द्वारा लगाई पाबंदी पर अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए श्रम बंधु दिनकर कपूर ने उप श्रम आयुक्त मिर्जापुर क्षेत्र पिपरी के यहाँ आज पत्रक सौंपा. पत्रक में कहा गया कि विगत दिनों इन उद्योगों के दौरे के दौरान ठेका मजदूरों ने बताया कि प्रबंधन ने काम के दौरान मोबाइल ले जाने पर रोक लगाई हुई है. डिजिटल युग में जब पूरी दुनिया में संचार क्रांति हो रही है उस समय मजदूरों के काम के दौरान मोबाइल पर प्रतिबंध लगाना मौलिक अधिकारों का हनन है. सुप्रीम कोर्ट तक ने कहा है कि इंटरनेट की सेवाओं का लाभ लेना संविधान की धारा 19 के तहत मौलिक अधिकार है और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत नागरिकों का अधिकार है. इसलिए मोबाइल पर रोक और कुछ नहीं गुलामी के दौर की वापसी है जो स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने पत्रक में कहा कि काम के दौरान ठेका मजदूरों के पास मोबाइल ना होने से उनके घर में यदि कोई दुर्घटना हो जाए या कोई अप्रिय स्थिति पैदा हो जाए तो इसकी सूचना भी उन्हें नहीं मिलेगी. देश और दुनिया से मजदूरों को काट देने का अधिकार किसी भी प्रबंधन को संविधान नहीं देता है. यह मजदूरों के नागरिक अधिकारों पर हमला है और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए बने श्रम विभाग को इसमें पहल करनी चाहिए. उप श्रमायुक्त को प्रबंधन को निर्देशित करना चाहिए कि वह मजदूरों के नागरिक अधिकारों को सुनिश्चित करें और मोबाइल ले जाने पर लगाए प्रतिबंध को तत्काल वापस ले।



