धारा 20 की भूमि पर काबिज बैगा जनजातियों को नही मिला वनाधिकार का लाभ
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर वन रेंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरडीहा और महुअरिया के शायल में सौ वर्षो से ज्यादा समय से वन भूमि पर रह रहे परहिया,चेरो अनुसूचित जन जातियों की वन समिति के अध्यक्ष द्वारा वनाधिकार की फाइल रोके जाने और शिकायत कर वन विभाग से निर्माणाधीन मुख्यमंत्री आवास निर्माण रोके जाने से जनजातीय चेरो लोगो में आक्रोश व्याप्त है।पीड़ितो की शिकायत पर बुधवार को ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड और समाज सेवी सुधीर कुमार ने गांव पहुंच कर समस्या की हकीकत जानी और भरोसा दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।प्रमुख को पीड़ित सत्यनारायण,राज नाथ, रमेश,

जोगिंदर,राजेंद्र ,धर्मजीत, शेर सिंह, आदि ने बताया कि हम लोग चार पांच पीढ़ी से यही रह रहे है खेती बारी,कुआ बावली,हैंडपंप, फलदार और इमारती पेड़ पौधे है।लेकिन प्रधान तथा वन समिति के अध्यक्ष ने हम लोगो की वनाधिकार की फाइल दबा कर रख ली है।और हम लोगो का पट्टा भी नही मिलने दिया गया। और हम लोगो का आवास आधा वन गया तो साजिश के तहत वन विभाग से शिकायत कर निर्माण कार्य रोकवा दिया गया।ऐसे में मुख्यमंत्री आवास निर्माण से पक्के घर का सपना अधूरा रह जा रहा है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधान सहित अन्य दबंगों ने जंगल केबीच में दर्जनों बीघा वन भूमि कब्जा कर अवैध रूप से जोत कोड कर रहे है।उस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।लेकिन हम गरीबों को परेशान किया जा रहा है।जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।और हम लोगो को न्याय मिलना चाहिए।वन दरोगा श्याम लाल ने बताया की धारा 20 की जमीन पर नया निर्माण कार्य रोका गया है।पीड़ित वनाधिकार के पात्र है लेकिन वनाधिकार समिति ही निर्णय लेगी।




