गांजे बाजे के साथ हुआ गणपति बप्पा का विसर्जन

बीजपुर(रामजियावन गुप्ता)एनटीपीसी परिसर स्थित कर्मचारी कल्याण केंद्र में स्थापित गणपति महाराज की प्रतिमा का आज श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य जुलूस निकालकर विसर्जन किया गया। इस अवसर पर ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई दी।
तीन दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान 15 सितंबर को भव्य भोग-प्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं एवं कर्मचारियों ने परिवार सहित प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक संजय असाटी तथा महिला मंडल की अध्यक्षा नीलू असाटी सहित परियोजना के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। यजमान की भूमिका निभा रहे महाप्रबंधक प्रणय कुमार नायक एवं महिला मंडल की अध्यक्षा रश्मि मोहंती पूरे भक्तिभाव एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना

किया। विद्वान पंडित रामजी दुबे का मंत्रोच्चार पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अंतिम दिवस सुबह आठ बजे से पूजा-अर्चना एवं आरती के बाद भव्य तरीके से हवन किया गया जिसमें परियोजना प्रमुख के साथ महाप्रबंधक पी के नायक, रश्मि मोहंती, महाप्रबंधक मेंटिनेंस हेमेश कुमार वार्ष्णेय, पूजा समिति के अध्यक्ष अपर महाप्रबंधक एन एस कोरंगा, महासचिव विजेंद्र कुमार मीना, पी लक्ष्मी, रिहंदेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष अपर महाप्रबंधक योगेश त्रिपाठी, ब्रजेश कुमार यादव, अनुभव कुमार जैन, आर के मित्तल उपाध्यक्ष उपमहाप्रबंधक आर एन वर्मा एवं जी सी साहु के साथ अनेकानेक वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। तत्पश्चात श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।स्थानीय कलाकार एनटीपीसी के कर्मचारी उदय उपाध्याय, अज्ञात मिश्रा, मिथिलेश शर्मा आदि ने अपने भजनों से लगातार तीन दिनों तक पूरे परिसर को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। मंदिर समिति के प्रमोद द्विवेदी, संजय कुमार, बीएमएस के महामंत्री एस एन पाठक, ईवा के महासचिव आशुतोष सिंह, विजय गुप्ता, उदय उपाध्याय, एस के बी पाठक, अवनीश पांडे, रिंकेश उपाध्याय, सूरज प्रजापति आदि ने पूजा संपन्न कराने में विशेष योगदान दिया। शोभा यात्रा के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया-मंगल मूर्ति मोरया’ ; ‘एक दो तीन चार – गणपति की जय जयकार’; ‘गणपति बप्पा मोरया –
अगले वर्ष तू जल्दी आ’ के नारे के साथ पूरा टाउनशिप गूंजायमान हो उठा। अंत में गणपति महाराज की मूर्ति का विसर्जन गोविन्द बल्लभ पन्त सागर में पूरे भक्तिभाव एवं विधि-विधान से कर दिया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।



