भव्य कलश यात्रा के साथ श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ

दुद्धी/सोनभद्र (मदन मोहन तिवारी) दुद्धी नगर के ऐतिहासिक शिवाजी तालाब पर आठ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पहले दिन मंगलवार को वृंदावन धाम के पंडित कुंजबिहारी शुक्ल जी महाराज के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गयी। कलश शोभा यात्रा यात्रा के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो के साथ काफी संख्या में कलश लिए श्रद्धालु शिवाजी तालाब से जल लेकर कस्बे के प्रमुख मंदिरों मां काली मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, विष्णु मंदिर, संकट मोचन मंदिर होते हुए पुनः शिवाजी तालाब पहुंची। जहां कलश स्थापना उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष रविशंकर जायसवाल ने बताया कि कथा का आयोजन मंगलवार से 31अगस्त तक सायं 7 से रात्रि 10 बजे तक होगा। साथ ही 1 सितम्बर को भव्य भंडारा सुनिश्चित किया गया है। जिसमे समस्त दुद्धी क्षेत्र के जनता-जनार्दन का आने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य यजमान गणेश लाल सोनी, चंद्रिका आढ़ती, अविनाश, कंचन सेठ, अरविंद सोनी, प्रेम चंद्र आढ़ती, संदीप गुप्ता, प्रेम नारायण, पुजारी रुद्र शंकर तिवारी सहित काफी संख्या में श्रद्धालु शिवभक्त एवं बड़ी संख्या मे महिला शिवभक्त कलश यात्रा मे शामिल रही।
फोटो कैप्सन- पूजन कर सरोवर से कलश में जल भरते श्रद्धालुजन
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कनहर बांध में डूबकर युवती की मौत
दुद्धी- अमवार चौकी क्षेत्र के कनहर बांध के पश्चिमी दिशा में इंटकवेल के समीप मंगलवार की सुबह एक युवती का उतराया हुआ शव मिला। पुलिस शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाही में जुट गई। बताया जाता है कि अंजली 18 पुत्री रमाशंकर निवासी पुनर्वास कालोनी अमवार बीते सोमवार की सुबह से ही लापता थी। पिता रमाशंकर ने बताया कि पत्नी के साथ धुमा गांव में अंत्योष्टि कार्यक्रम में गए हुए थे। वहाँ से लौटने के बाद घर मे आये तो पता चला कि इकलौती बिटिया घर से गायब है। गायब होने की सूचना अमवार चौकी में दिया। इसके अलावा जंगल व आस पास के क्षेत्र में पूरे दिन खोजबीन करता रहा। काफी खोजबीन के बाद भी सोमवार की देर रात तक नही पता चल पाया। मंगलवार को ग्रामीणों ने बांध में उतराया हुआ हालात में शव देखा। उसके बाद हम सभी लोग घटना स्थल पहुँच कर बिटिया का शिनाख्त कर पाए। इस तरह की घटना से पूरा परिवार सदमे में है। कोतवाली पुलिस शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। वहीँ ग्रामीणों का कहना है कि बांध परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर कोई भी सुविधा नही है। कम से कम बांध एरिया को सुरक्षित रखते तो शायद इस तरह की घटना नही होती।



