बच्चों से भरा प्राइवेट स्कूल का वाहन तालाब में पलटा, आधा दर्जन से अधिक मासूम घायल
रेणुकूट सोनभद्र (रामकुमार गुप्ता)
बच्चों से भरा स्कूल वाहन तालाब में घुसा दर्जनों मासूम बच्चे बाल बाल बच्चे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की तमाम सख्तियों के बावजूद निजी स्कूलों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को बभनी थाना क्षेत्र के मैरहवा गांव के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां एक निजी स्कूल का वाहन अनियंत्रित होकर गहरे तालाब में जा पलटा। इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी में भर्ती कराया गया है।मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा बभनी थाना क्षेत्र के मैरहवा गांव में हुआ। ‘लिटिल एंजेल प्राइवेट विद्यालय चपकी की गाड़ी लगभग 15 से 20 मासूम बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक अनियंत्रित होने के कारण गाड़ी सीधे सड़क किनारे तालाब में जा गिरी। दुर्घटना के वक्त वाहन में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई।घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। स्थानीय निवासी राजाराम, रामप्रकाश, धीरज ह्रदय, अवधेश और रामकिशुन ने बिना समय गंवाए पानी में उतरकर एक-एक कर सभी मासूमों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन बचरा निवासी अतहर हुसैन उर्फ बच्चा का है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।क्षेत्र के निवासियों का आरोप है कि इलाके के प्राइवेट स्कूलों में मासूम बच्चों को गाड़ियों में क्षमता से अधिक भूसे की तरह भरकर लाया और ले जाया जाता है। वाहन चालक मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाते हैं।एक तरफ जहां जनपद के पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन लगातार स्कूली वाहनों की सुरक्षा मानकों की जांच का दावा करता है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की मौन स्थिति पर अब ग्रामीण सवाल खड़े कर रहे हैं। आखिर किसकी शह पर मानकविहीन और ओवरलोडेड वाहन बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं?फिलहाल, सभी घायल बच्चों का इलाज सीएचसी बभनी में जारी है और इस बावत जब प्रभारी निरीक्षक बभनी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।



