आजनगीरा–चागा में परंपरागत रीति से सप्ताह पूर्व मनाई गई खर होली
म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि)
स्थानीय ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य गांव आजनगीरा और चागा में शुक्रवार को परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ खर होली मनाई गई। इन गांवों में हर वर्ष मुख्य होली पर्व से लगभग एक सप्ताह पहले होली मनाने की सदियों पुरानी परंपरा चली आ रही है, जिसे ग्रामीण आज भी पूरी आस्था और उत्साह के साथ निभाते हैं।
ग्राम प्रधान प्यारे लाल, कोटेदार कमाता, सुखन, अरविंद सूरज, बलिराज सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आदिम काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार शुक्रवार को खर होली के रूप में यह पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गांव में रंग, अबीर और गुलाल के साथ जमकर होली खेली गई। ग्रामीण टोलियों में बंटकर मानर की थाप पर कर्मा गीत गाते हुए पूरे गांव में घूमे। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और गीत-संगीत की धुन पर महिलाएं भी उत्साह से थिरकती नजर आईं।
होली गीत, डोमकच और पारंपरिक नृत्य का दौर शुक्रवार की आधी रात तक चलता रहा। इस दौरान महुआ की दारू का भी परंपरागत रूप से सेवन किया गया। शनिवार सुबह धूल उड़ाने की रस्म के बाद ग्रामीणों ने अपने इष्ट देव को पुआ और दारू की बूंद चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात एक बार फिर रंग खेला गया और कर्मा गीत गाते हुए गांव की परिक्रमा की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा न केवल उनके सांस्कृतिक इतिहास की पहचान है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सामूहिक आनंद का प्रतीक भी है। खर होली के इस अनोखे आयोजन को देखने आसपास के गांवों के लोग भी पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में पर्व का उल्लास बना रहा।



