सोनभद्र

खैराही‑किरवानी मोड़ पर शहीद‑स्मृति स्थापित करने खैराहीऔर सोनभद्र में सरकारी पॉलिटेक्निक में तीन‑वर्षीय माइनिंग कोर्स शुरू करवाने की अपील

म्योरपुर (सोनभद्र) से संवाददाता

खैराही–किरवानी मोड़ पर पूर्व सैनिक स्व. केदारनाथ दुबे की प्रतिमा स्थापना की मांग, रोजगार और सैन्य जागरूकता बढ़ने की उम्मीद

म्योरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत खैराही निवासी, डिप्लोमा के पूर्व छात्र एवं समाजसेवी प्रशांत कुमार दुबे ने ब्लॉक प्रमुख म्योरपुर श्री मान सिंह गोड़ को एक आवेदन पत्र सौंपकर खैराही–किरवानी मोड़ पर द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक स्व. केदारनाथ दुबे की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की है।

प्रशांत दुबे का कहना है कि यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो दक्षिणांचल के आदिवासी बहुल क्षेत्र में रहने वाले युवाओं और अन्य वर्गों के लोगों में सेना के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा देश सेवा की प्रेरणा विकसित होगी। उनका मानना है कि इस क्षेत्र के युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर सकेंगे, जिससे रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

सोनभद्र में माइनिंग डिप्लोमा कोर्स शुरू कराने की मांग

समाजसेवी प्रशांत दुबे ने अपने आवेदन में यह भी मांग उठाई कि सोनभद्र जिले के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में तीन वर्षीय माइनिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में माइनिंग कोर्स केवल ललितपुर जिले के तालबेहट में संचालित है, जो सोनभद्र से काफी दूर पड़ता है।

दूरी अधिक होने के कारण कई छात्र इस कोर्स में प्रवेश नहीं ले पाते, जबकि सोनभद्र जिले में सरकारी एवं निजी क्षेत्र में माइनिंग क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर माइनिंग डिप्लोमा शुरू होना छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।

द्वितीय विश्व युद्ध में घायल हुए थे स्व. केदारनाथ दुबे

प्रशांत दुबे ने अपने दादा स्व. केदारनाथ दुबे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी भर्ती भारत की आज़ादी से पहले वर्ष 1942 में डोगरा रेजीमेंट में हुई थी। भर्ती के बाद उन्हें लाहौर (तत्कालीन भारत) में सिविल ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था।

सेवा के दौरान वे दक्षिण अफ्रीका, बर्मा और सिंगापुर जैसे क्षेत्रों में भी कुछ समय के लिए तैनात रहे। वर्ष 1945 में भारत–वर्मा युद्ध के दौरान वे मोर्चे पर भेजे गए थे, जहां युद्ध के समय उनके बाएं पैर के घुटने में गोली लग गई थी। देश के प्रति उनके योगदान और त्याग को देखते हुए परिवार एवं ग्रामीण क्षेत्र में उनकी स्मृति को संरक्षित करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।

क्षेत्र में बढ़ रही है सैन्य सम्मान और रोजगार उन्नयन की अपेक्षा

इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्रवासियों में भी सकारात्मक चर्चा है। उनका कहना है कि प्रतिमा की स्थापना एवं माइनिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू होने से न केवल जिले की शैक्षिक और सैन्य जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर भी मिल सकेंगे।

Vikash Agrahari

विकास अग्रहरी सोनभद्र म्योरपुर निवासी है। कम समय मे विकास अग्रहरी आज जिले की पत्रकारिता मे एक जाना पहचाना नाम है।

Related Articles

Back to top button
BREAKING NEWS
डीएवी रिहन्द में हेड बॉय, हेड गर्ल का हुआ चुनाव, शिवम तिवारी बने हेड बॉय और दुर्गा गुप्ता बनी हेड गर... सोनभद्र में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल व एमआरआई मशीन की मांग तेज कचनरवा प्रधान पति समेत 10 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से काली मंदिर का होगा सुंदरीकरण नपं अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन सर्राफा व्यापारी से लूट मामले में फरार 2 अभियुक्तों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित अनियंत्रित ट्रेलर ट्रक पुलिया के नीचे गिरने से चालक की मौत दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में गर्भवती महिला समेत चार घायल टहलने निकले युवक पर धारदार हथियार से हमला, गंभीर हालत में रेफर 🦟 बरसात में बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, ग्रामीणों ने की मच्छर रोधी दवा के छिड़काव की मांग अतिरिक्त ड्यूटी के भुगतान और सुरक्षा की मांग को लेकर संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन
Download App