सोनभद्र

अनुशासनहीनता में महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष व दो उपाध्यक्ष पर हुईं निलंबित

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) राबर्ट्सगंज नगर स्थित सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में करीब बीस दिन पूर्व बैठक के दौरान अनुशासनहीनता के मामले में बीएसए मुकुल आनंद पाण्डेय ने दो प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया है। शिक्षिकाओं को पास के विद्यालय में अटैच कर दिया गया। निलंबित की गई शिक्षिकाओं में एक महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष व दो उपाध्यक्ष है।
बीईओ चोपन को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। बीएसए मुकुल आनंद पांडेय ने बताया कि 22 अगस्त की शाम कुंजलता त्रिपाठी, सहायक अध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय चुर्क गांव ने कार्यालय में उपस्थित होकर आरोप लगाया कि जिला समन्वयक अरविंद पाठक उनके साथ अर्मादित व्यवहार किए हैं। इसको लेकर जब जिला समन्वयक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एसएसए कार्यालय में जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों व जिला समन्वयकों की सप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी थी। इसी दौरान कुंजलता त्रिपाठी ने फोन किया था, लेकिन बैठक में होने के कारण बात नहीं हो सकी। इसके बाद वह अपने पति के साथ आ गई। बैठक के बाद फोन न उठाने के संबंध में कहासुनी करने लगी। इसी बात को लेकर 23 अगस्त को कौशर जहां सिद्धिकी, प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय बिसरेखी ने फोन करके बताया कि शिक्षिकाएं मुलाकात करना चाहती है और वर्तमान में सभी सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में उपस्थित हैं। वहां पर लगभग 15 शिक्षिकाएं समूह में उपस्थित थी, जिसमें से चार पांच शिक्षिकाओं को वार्ता के लिए कार्यालय में बुलाया गया। जिस पर कुंजलता त्रिपाठी एवं कौशर जहां सिद्धिकी ने जिला समन्वयक पर
दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया। इसी बीच वार्ता के दौरान कौशर जहां सिद्धिकी उग्र होते हुए कार्यालय कक्ष से बाहर चली गई और सोनाली मजूमदार सहायक अध्यापक प्रभारी प्रधानाध्यापक व वर्षा वर्मा, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय चेरो बस्ती, विकास खंड चोपन के साथ मिलकर अन्य शिक्षिकाओं को उकसाते हुए अमर्यादित भाषा में नारेबाजी एवं अराजकता करने लगी। पूर्व नियोजित तरीके से विडियोग्राफी कराते विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा किया गया और विभाग की छवि धूमिल करनें का कुत्सित प्रयास किया गया है। कार्यालय अवधि में इनके इस कृत्य से राजकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। इसको लेकर महिला शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष कौशर जहां सिद्धिकी, उपाध्यक्ष वर्षा वर्मा व सोनाली मजूमदार को निलंबित करते हुए पास के नजदीकी विद्यालय में अटैच कर दिया गया है। निलंबन अवधि में तीनों को अपने संबद्ध विद्यालय से उपस्थिति दिए जाने के उपरान्त नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। बता दें कि जिलाध्यक्ष कौशर पूर्व में राज्यपाल पुरस्कार से पुरस्कृत हो चुकी है। इधर महिला शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष कौशर जहां सिद्धिकी ने कहा कि द्वेष भावना से शिक्षकों पर कारवाई किया गया है। जिस डीसी द्वारा शिक्षक के साथ दुर्व्यवहार किया गया उसके विरुद्ध बीएसए ने कोई कारवाई नहीं किया, बल्कि उल्टा ही हम शिक्षकों पर कार्रवाई किया गया। जिसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने महिला आयोग, प्रदेश अध्यक्ष महिला शिक्षक संघ सुलोचना मौर्या व बेसिक शिक्षा मंत्री से मिलकर आदेश के खिलाफ संगठन अपनी लड़ाई लड़ी जाएगी। आगे प्रदेश संगठन को अवगत करा दिया गया है।

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