पैगंबर का ऐसा समय दुनिया में आगमन हुआ जब जुल्म की इम्तिहान थी-मौलाना उमर नूरानी

दुद्धी। बुधवार को दारुल उलूम कादरिया नूरिया बघाडू में देर रात को बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष हजरत मौलाना उमर नूरानी साहब जश्ने मिलादुन-नवी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मदरसा के शिक्षा व्यवस्था एवं अल्पसंख्यक समुदाय के समस्याओं की जानकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से जानकारी लिया। उन्होंने कहा योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि कंप्यूटर की शिक्षा आधुनिक समय में बहुत जरूरी है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं भी इस मदरसे की तरक्की के लिए मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखूंगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने पैगंबर के सीरत को अपनाना चाहिए और भाईचारा व शांति के साथ जिंदगी गुजारनी चाहिए। अपने पैगंबर के संदेश को आम करना चाहिए। जिन्होंने इंसानों के अंदर जात-पात छोटा बड़ा का भेदभाव नहीं किया। पैगंबर का ऐसा समय दुनिया में आगमन हुआ था। जब जुल्म की इम्तिहान थी। लोग लड़कियों को जिंदा दफन कर देते थे। लेकिन इस्लाम के पैगंबर ने बेटी को पढ़ना व बढ़ाने का बीड़ा उठाया और दुनिया में शांति का पैगाम दिया। हजरत मोहम्मद के 1500वें जन्मदिन को शांति और सुकून के साथ मनाने कपिल की। जश्ने ईद मिलादुन्नबी की सदारत हुजूर नशीर मिल्लत संस्थापक ने हजरत मौलाना मसूद राजा साहब की लिखी पुस्तक (फजाईल दरूद शरीफ) का विमोचन किया। कार्यक्रम में आये मुख्य अतिथि व अतिथियों का स्वागत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा तथा दारुल उलूम का दरिया नूरिया के हजरत मौलाना मसूद राजा व कौनेन अली द्वारा किया गया। इस अवसर पर मौलाना नजीरुल कादरी महमूद आलम मंसूर आलम मोहम्मद उस्मान जफरुद्दीन मोहम्मद अब्दुल रशीद सलाहुद्दीन मोहम्मद हसनैन अनवर अहमद शमशेर आलम हाफिज इमरान ग्राम प्रधान अब्दुल्लाह अंसारी नसीम अंसारी इरशाद अंसारी हामिद अली एनुअल डॉ आरिफ शाहबाज राजा मा अमीर महबूब आलम एजाज अहमद सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।



