तीन दिवसीय ग्रामीण नेतृत्व विकास कार्यशाला का उद्घाटन

संसाधनों के विकास से पहले समझ बढ़ाना जरूरी
ग्राम सभा की मजबूती से ही लोक तंत्र की नींव होगी मजबूत
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महाकक्ष में गुरुवार को पंच परमेश्वर विद्या पीठ के सौजन्य से तीन दिवसीय ग्रामीण नेतृत्व विकास कार्यशाला का उद्घाटन तीसरी सरकार के संयोजक और पंचायत राज के विशेषज्ञ चंद्रशेखर प्राण और मिशन समृद्धि के राज्य समन्वयक पंकज कुमार मिश्रा तथा शुभा प्रेम ने दीप प्रज्वलित कर किया।मौके पर श्री प्राण ने कहा कि भौतिक विकास ,से पहले बौद्धिक विकास का होना बहुत आवश्यक है अन्यथा हम उसका सही उपयोग नहीं कर सकेंगे और समाज तथा परिवार में समस्याएं खड़ी होंगी। उन्होंने कहा कि हवा,पानी और भोजन के अलावा जरूरी चीज है कपड़ा और मकान साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा की जरूरत है लेकिन उसकी सीमाएं कितनी है।आवश्यकताओं की कोई सीमा होती नहीं ऐसे में हमें समझ के साथ सीमाएं भी तय करनी

होंगी।हम प्राकृतिक जोड़ के साथ विकास का रास्ता चुनेंगे उस पर अमल करेंगे तो यह सब संभव होगा।आज चुनौतियों का सामना करना सरल होगा जब हम माइंड सेट से हट के कुछ करेंगे। उन्होंने कहा कि आदिम युग से पंचायत रिश्तों को मजबूत करने भाई चारा बढ़ाने के साथ साधन की जरूरत और गांव समाज बन गया उसकी विशेषता रिश्तों पर आधारित थी। इसके बाद जाति आई और वर्ण बना,इसके बाद सामुदायिकता आई। उन्होंने कहा कि मैं और हमारा भेद को समझना होगा।स्वावलंबन परिवार में था।घर बनाना,खेत जोतना, कुआं खोदना जैसी परंपराओं के जन्म से समाज समृद्ध था। मौके पर आर्थिक अनुसंधान केंद्र प्रयाग राज से हरिगोविंद सिंह विमल सिंह, देवनाथ सिंह,उमेश चौबे,जगत नारायण विश्वकर्मा,नीता,सुरेश,अशोक सिंह,रामचंद्र सिंह, राकेश कुमार, रघुनाथ भाई, यश्वी पांडेय, केवला प्रसाद दुबे सहित क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।



