पदोन्नति नहीं तो प्रभारी और संकुल का कार्य नहीं

दुद्धी शिक्षकों ने फूंका क्रांति का बिगुल

दुद्धी, सोनभद्र। मंगलवार को बीआरसी दुद्धी परिसर में सैकड़ों शिक्षकों/शिक्षिकाओं ने प्रभारी प्रधानाध्यापक पद और संकुल के पद से इस्तीफा पत्र और ज्ञापन सौंपा। ज्ञातव्य है कि बेसिक शिक्षा में शिक्षकों की पदोन्नति लगभग आठ वर्षों से लंबित है और विभाग द्वारा शिक्षकों से ही प्रभारी और संकुल का कार्य लिया जा रहा है।वरिष्ठ शिक्षक शैलेश मोहन ने कहा कि बेसिक शिक्षा में नित नए नए प्रयोगों से शिक्षण कार्य अपने उद्देश्य से भटक रहा है।पदोन्नति एक अनिवार्य प्रक्रिया है जिसे वर्षों से बाधित कर शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है।शिक्षक सदानंद मिश्र,राजेश पाण्डेय व जितेंद्र चौबे ने कहा कि पदोन्नति के लिए एक ही वर्ष में कई बार आदेश हो रहे हैं।नौकरशाह अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों की आज्ञा का पालन नहीं कर रहे हैं।अब हम शिक्षक भी अपना उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।जब तक पदोन्नति नहीं होती तब तक हम शिक्षक भी प्रभारी पद का त्याग करते हैं।सुश्री धनेश्वरी ने कहा कि शिक्षकों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अंत में भोलानाथ(अध्यक्ष,प्रा शि संघ,दुद्धी) ने सबका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपका आक्रोश जायज है ।बार बार पदोन्नति के नाम पर केवल लॉलीपॉप ही दिया गया। बस बहुत हुआ अब शिक्षक प्रभारी और संकुल के कार्य नहीं करेंगे।इसकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।इस अवसर पर मुसईराम,अवधेश कन्नौजिया, शैलेश मोहन, सदानंद मिश्र,जितेंद्र चौबे,भोलानाथ, अभिषेक कुमार, राजेश पाण्डेय, राकेश शर्मा, राजेश झा, आशीष, मो आजम, विवेक शांडिल्य, लोकपति, हृदय नारायण, वरुण यादव,मनीष,बिहारी लाल,वीरेंद्र बहादुर, तत्सत तिवारी, योगेश, शशिकांत,नागेश दुबे, गुणाकर,बृजेश, देवमुनि, माला सिंह, धनेश्वरी, प्रियंका, प्रभा पाल, विभा चौरसिया, आराधना आदि उपस्थित थे।



