तीन दिवसीय “महिला नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर” का हुआ समापन।

17 पंचायतों के ग्राम स्तर पर नेतृत्व करने वाली 50 महिलाओं ने किया प्रतिभाग
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महा कक्ष में बुधवार की शाम तीन दिवसीय महिला नेतृत्व प्रशिक्षण का समापन जे पी आंदोलन से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका पुतुल ने किया।उन्होंने ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन धीरे धीरे होता है।महिलाओ के अधिकार और घर आंगन से बाहर निकलने शिक्षा स्वास्थ्य में परिवर्तन आ रहा है।जरूरत है कि परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयास होता रहे। उन्होंने पुरुष महिला समानता, महिलाओं को सशक्त होना जरूरी है क्यों?, महिला कानून की जानकारी और महत्व, शौचालय का प्रयोग, पँचायती राज, पँचायत में महिलाओं की भागीदारी, वर्तमान में महिलाओं के समक्ष चुनौतीया,महिलाओं के किये पोषण की आवश्यकता, पोषण वाटिका, महिलाओं को आजीविका से जोड़ने पर चर्चा हुई।नीरा ने अनुभव बताते हुए कहा कि शुरुआती दौर में महिलाए मीटिंग में नही आती थी।और अब पुरुष कम आते है महिलाए ज्यादा आती है। स्कूलों में भी लड़किया ज्यादा जा रही है लडको की संख्या कम है।लेकिन शिक्षा सबको मिले तो ही परिवर्तन संभव है। शिविर का संचालन और संयोजन यश्वी पांडेय तथा राम सुभाग ने किया।



