30 दिन रोजे का ईनाम, खुशनुमा माहौल ईद के नाम

हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईदुल फित्र का त्योहार

दुद्धी, सोनभद्र (मु. शमीम अंसारी)। नगर व आसपास के ग्रामीण अंचलों में ईदुल फित्र का त्योहार ख़ुशनुमा माहौल में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ शनिवार को मनाया गया। 30 दिन रोजे रखने के बाद मनाये जाने वाले इस पर्व को लेकर रोजेदारों में तो खुदा के ईनाम स्वरूपी त्योहार को लेकर खुशी होना लाजिमी है, मगर बेरोज़ेदारों और बच्चों में भी उतना उमंग और उत्साह देखने को मिलता है। त्योहार के दिन हर गिले शिकवे भूलकर लोग एक दूसरे को मुबारकबाद पेश कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे ईदगाह में अदा की जाने वाली ईदुल फित्र की नमाज को लेकर सुबह सात बजे से ही मकतब जब्बरिया ईदगाह पर अकीदतमंद जुटने लगे। अपने घरों से नहा-धोकर नए परिधानों में सर पर टोपी, इस्लामी पगड़ी, साफा आदि बांधकर इत्र की खुशबू बिखेरते लोग निर्धारित समय से घंटो पूर्व ईदगाह की तरफ कूच कर गए। हर किसी को ईदगाह में जगह न मिलने का भय सता रहा था। देखते ही देखते मकतब जब्बरिया ईदगाह नमाज शुरू होने के पूर्व खचाखच भर गया। जिम्मेदारों ने माइक से जगह न मिल पाने के कारण बाहर खड़े नमाजियों को जामा मस्जिद में आधे घंटे बाद 9 बजे अदा की जाने वाली ईद की नमाज में शामिल होने की अपील करने लगे।
ठीक 8:30 बजे ईदगाह में मौलाना नजीरूल कादरी ने ईद के दोगाने के नमाज लोगों को अदा कराई। ततपश्चात जामा मस्जिद दुद्धी में 9:00 बजे हाफिज अब्दुल रज्जाक साहब ने दूसरे शिफ्ट में ईद की नमाज अदा कराई। नमाज समाप्ति के उपरांत लोग एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद पेश किए। मस्जिद से बाहर प्रशासनिक अधिकारी व मौजूदा समय में चल रहे नगर निकाय चुनाव के प्रत्याशियों से भी गले मिलकर बधाइयां दीं। नमाज बाद लोग कब्रिस्तान जाकर अपने मरहुमीन की कब्रों पर फातेहा पढ़ी। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, पुलिस उपाधीक्षक दद्दन प्रसाद गौड़, तहसीलदार बृजेश वर्मा सहित भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान कस्बे सहित निमियाडीह, दीघुल, बघाडू आदि गॉवों का भ्रमण करते रहे।



