पिछले जन्मों के पुण्य फल एंव महात्माओं की दया से आपको यह मनुष्य शरीर मिल गया- पंकज महाराज
-जिले के अंतिम पड़ाव ग्राम कैथी मे सुनाई प्रवचन,
राबर्ट्सगंज,सोनभद्र। (ओम प्रकाश गुप्ता)

देश के कोने-कोने में जयगुरुदेव नाम का प्रचार करने वाले, जीते जी प्रभु प्राप्ति का मार्ग बताने वाले, अपनी भविष्यवाणियों के लिये देश व विदेश में विख्यात् परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के अध्यक्ष पूज्य पंकज जी महाराज सोनभद्र जिले के पहाड़ों-जंगलों, सुदूर बस्तियों व नगर क्षेत्र के जनमानस को शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध, आध्यात्मिक वैचारिक सन्देश सुनाते हुये अपने 33 दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के 24वें तथा सोनभद्र जिले के अंतिम पड़ाव पर कल सायंकाल सदर विकास खण्ड के ग्राम कुसी पधारे तो बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय भाई-बहनों ने बैण्ड बाजे, द्वीप प्रज्वलित कलश यात्रा के साथ पुरजोर स्वागत किया। आज यहाँ सत्संग समारोह का आयोजन हुआ। मंच पर जिले के पदाधिकारियों एवं सहयोगी संगत बहराइच, श्रावस्ती व भदोही के पदाधिकारियों ने पुष्पहार भेंट कर महाराज जी का स्वागत किया।
अपने सत्संग प्रवचन मं संस्थाध्यक्ष ने कहा पिछले जन्मों के पुण्य फल व महात्माओं की दया से आपको यह मनुष्य शरीर मिल गया। ‘‘कबहुंक करि करुना नर देहीं, देत ईश बिन हेत सनेहीं।’’ इसी मनुष्य शरीर के अन्दर परमात्मा से मिलने का दरवाजा है जिसके द्वारा प्रभु के देश से आनेवाली देववाणियाँ सुनी जा सकती हैं। इसके लिये पूरे गुरु, सच्चे महात्मा की जरूरत है। क्योंकि इस दरवाजे का भेद केवल वही बता सकते हैं जिन्होंने साधना करके अपनी आत्मा को जगा लिया हो और परमात्मा का साक्षात्कार कर लिया हो। जैसे कबीरदास जी, नानक जी, रबिदास जी महाराज, मीराबाई, सहजोबाई आदि। हमारे गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने भी अपने गुरु महाराज से साधना का रास्ता लेकर बाइस-बाइस घण्टे कठोर साधना करके अपनी आत्मा को जगाया और 10 जुलाई सन् 1952 से इस जयगुरुदेव नाम से धर्म प्रचार प्रारम्भ किया था। यह जयगुरुदेव नाम वर्तमान का जागृत व सिद्ध नाम है किसी संकट के समय जब आपके इष्ट व देवी-देवताओं की दया काम न करे तो उस समय अन्त में ‘जयगुरुदेव’ नाम का सहारा लेंगे तो अवश्य ही आपको राहत मिलेगी, यहाँ तक कि बेहोश के कान में दस बार ‘जयगुरुदेव’ नाम बोलने से वह आंख खोल देगा और बतायेगा कि जबसे आपने यह नाम कहा मैं सुन रहा था और बोल भी रहा था। मेरे सामने एक सफेद पोशाक वाला महात्मा आकर खड़ा हो गया अब मुझे कोई तकलीफ नहीं है। गुरु महाराज कहा करते थे कि दुनियाँ के जीव यदि एक साथ इस जयगुरुदेव नाम की जहाज पर बैठ जाँय तो भी यह नाम सबको भवसागर से पार कर देगा। मैं भी उन्हीं के बताये रास्ते पर चल कर सच्चा रास्ता जीवों को बताने में लगा हूँ और अपना पूरा जीवन इसी में लगा दूँगा।आपको घर-बार छोड़ना नहीं, बाल-बच्चे छोड़ना नहीं, खेती-बारी, रिश्ते-नाते छोड़ना नहीं। घर गृहस्थी में रहकर बाल-बच्चों की सेवा करते हुये सुबह-शाम घण्टे, दो घण्टे का समय निकाल कर कलयुग की सरल साधना (सुमिरन, ध्यान, भजन) कर लिया करें। मानस में भी लिखा है ‘‘सुगम पंथ मोंहि पावहिं प्रानी, भक्ति कै मारग कहऊँ बखानी।’’ बिना महात्माओं की दया के इस संसार सागर से न कोई पार जा सकता है और न ही कोई गया। महाराज जी ने सरल साधना सुरत शब्द योग (नाम-योग) का भेद भी बताया और सुमिरन, ध्यान, भजन करने की विधि भी समझाई। उन्होंने बाबा जयगुरुदेव के वचन को स्मरण कराते हुये कहा ‘‘इन्सानों तुम अपने दीन, ईमान पर वापस आ जाओ और इस जिस्मानी मन्दिर/मस्जिद में बैठ करके भगवान का सच्चा भजन करो, खुदा की सच्ची इबादत करो जिससे तुम्हारी जीवात्मा/रूह नर्को/दोजखों में जाने से बच जाये। जिसके लिये यह मनुष्य शरीर मिला है। महाराज जी ने देश में बढ़ती हिंसा, अपराध पर चिन्ता व्यक्त किया और अपील किया कि सभी लोग शाकाहार अपनायें, शराब आदि घातक नशों का परित्याग करें। आँखो में मां, बहन, बेटी की पहचान लायें। अच्छे समाज के निर्माण में सहयोग करें। आपस में मिल-जुलकर रहें। एक-दूसरे की निःस्वार्थ भाव से सेवा करें।
उन्होंने आगामी 17 से 21 मई तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में होने वाले अपने गुरु महाराज परम संत बाबा जयगुरुदेव जी के ग्यारहवें पावन भण्डारा पर्व पर पधारने का निमन्त्रण दिया तथा बताया कि मथुरा में वरदानी जयगुरुदेव मन्दिर बना है जहां बुराईयां चढ़ाने पर मनोकामना की पूर्ति होती है। जिला-इटावा में तह. भरथना के गांव खितौरा धाम में बाबा जी की पावन जन्मभूमि है यहां पर भी भव्य वरदानी मन्दिर बना है। यहां सभी सम्प्रदायों के लोग आते हैं। उन्होंने सोनभद्र जिले की जनता व प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर संगत सोनभद्र जिले के अध्यक्ष अवधू सिंह यादव, मन्त्री बनवारी लाल गुप्ता, कैलाश चौरसिया, भूस्वामी राज कुमार पटेल, राबर्ट्सगंज ब्लाक अध्यक्ष कान्ता गुप्ता, सहयोगी संगत बहराइच के अध्यक्ष रमाकान्त चौहान, श्रावस्ती के अध्यक्ष/ जिलेदार,भदोही के अध्यक्ष प्रेम शंकर मौर्य, संस्था के कई पदाधिकारी एवं प्रबन्ध समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे। शांति और सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन ने सहयोग किया। जनजागरण यात्रा सोनभद्र जिले में बीस दिन सन्देश देने के बाद अगले पड़ाव ग्राम मझगाई ब्लाक व तहसील नौगढ़ जिला चन्दौली के लिये प्रस्थान कर गई, जहां कल दिन के 11. 30 बजे से सत्संग आयोजित है।




