अवैध खनन के खिलाफ पूर्व विधायक हरिराम चेरो ने खोला मोर्चा

मुख्यमंत्री से अवैध खनन पर रोक की उठाई मांग
दुद्धी, सोनभद्र – जनपद के खोखा, पिपरडीह -कोरगी दुद्धी सहित अन्य बालू साइडो पर अवैध उत्खनन एवं बिना परमिट , बिना नंबर प्लेट के वाहनों से प्रतिबंधित ओवरलोड वाहनों के खिलाफ पूर्व विधायक दुद्धी हरिराम चेरो ने मोर्चा खोल दिया है।
सूबे के मुख्यमंत्री समेत शीर्ष अधिकारियों को भेजे गये पत्र में श्री चेरो ने कहा है कि वनाच्छादित मार्ग से दिन-रात 24 घंटे अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है l सेंचुरियन जोन में रहने वाले राष्ट्रीय पक्षी मोर एवं दुर्लभ प्रजाति के नदियों में रहने वाले मगरमच्छ कछुए, मछली, सहित जंगलो में निवास करने वाले पशु – तेंदुआ, भालू, कोटारी, जंगली सूअर एवं राष्ट्रीय पशु -पक्षी रात दिन खनन क्षेत्र में पोकलेन चलने से सेंचुरियन जोन में जीवों का रहना दूभर हो गया है l जीव जन्तु जंगल छोड़कर सड़कों व शहरों की ओर भाग रहे हैं, जिसके कारण जीव जंतुओं की बड़े पैमाने पर मौत हो रही है l
उन्होंने आगे कहा है कि तीन दशक पूर्व शासन द्वारा स्वीकृत खोखा बालू साइड पर स्वर्गीय जेपी यादव के खनन पट्टा को सेंचुरियन जोन जांच में पाए जाने के कारण निरस्त कर दिया गया था l वर्ष 2018 में पुनः खोखा बालू साइड स्वीकृति होने पर 23 जनवरी 2019 को हजारो ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा मुखर होकर विरोध प्रदर्शन किया गया था l तभी से उक्त बालू साइड बंद रहा है। किन्तु ठेकेदार द्वारा पुनः बालू खनन हेतु सड़क बनाने का काम किया जा रहा है जो गैर कानूनी है। जनपद सोनभद्र के अन्य बालू साइड पर भी अवैध उत्खनन 15 से 20 फीट गहरे गड्ढे कर नदियों को नाले में परिवर्तित कर लाखों लोगों के जीवनदायिनी कनहर व सोन नदी समेत अन्य नदियों को तहस-नहस कर दिया गया हैl वहीं ब्रहमोरी बालू साइड पर सोन नदी में पर पुल बनाकर खुलेआम अवैध उत्खनन किया जा रहा है और स्थानीय मजदूरों को काम तक नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के मजदूर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं l पूर्व विधायक श्री चेरो ने मुख्यमंत्री, खनन निदेशक उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी सोनभद्र को आरजीआरएच पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि प्रकृति के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कानून को हाथ में लेकर नहीं करने दिया जायेगा l विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों- करोड़ों के राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही है, जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा l उन्होंने अवैध बालू साइड की जांच स्वच्छ छवि के लोगों द्वारा कराए जाने के उपरांत अवैध खनन में लिप्त ठेकेदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई एवं खनन पट्टा निरस्त किए जाने की मांग की है l अन्यथा की स्थिति में पर्यावरण चिंतकों एवं जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों के सहयोग से बडा आंदोलन कर माफियाओं को जनपद से बाहर खदेड़ा जाएगा l



