माहे रमज़ान का पहला 10 दिवसीय रहमत वाला असरा कल होगा खत्म
दूसरा असरा गुनाहों की बख्शिश व तीसरा जहन्नम से परवाना का-हाफिज मसऊद रज़ा
दुद्धी, सोनभद्र (मु.शमीम अंसारी)। रमज़ान शरीफ में शुरुआती 10 दिन के रहमत भरे रोजे का समापन रविवार को सूर्यास्त के साथ हो जाएगा।
रमज़ान शरीफ की उक्त फजीलतें दारुल उलूम कादरिया नूरिया के उप प्रबंधक हाफिज मसऊद रज़ा ने अखबारनवीसों से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने इस मुकद्दस माह में 30 दिन तक रखे जाने वाले रोजों का तफ्सील करते हुए बताया कि पहले 10 दिन के रोज़े अल्लाह पाक ने रहमत से भरे, दूसरे 10 दिन गुनाहों की बख्शीश व मगफिरत और आख़िरी 10 रोजे के दौरान जहन्नम से परवाना मिलने का वक्त मुकर्रर किया गया है। अल्लाह ताला ने इस बाबरकत महीने में हर नेकी व इबादत का सवाब आम दिनों की बनिस्बत कई गुना बढ़ाकर अता फ़रमाया है। नफ्ली इबादत करने वालों को फर्ज इबादत जैसा सवाब मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि हदीस शरीफ में है कि रमजान शरीफ की बदौलत मुसलमानों को पांच ऐसी चीजें दी गई है जो पिछले किसी उम्मत को नहीं दी गई थी। पहली रोजेदार के मुंह की महक अल्लाह तआला को मुश्क व अम्बर से भी ज्यादा पसंद है। दूसरा रोजेदार के लिए दरिया की मछलियां भी दुआ करती है। तीसरा रोजेदार के लिए जन्नत रोजाना सँजाई संवारी जाती है। चौथा शैतानों को कैद कर दिया जाता है। पांचवा रमजान की आखिरी रात में बख्शीश की दुआ मांगने वाले रोजेदारों को बख्श दिया जाता है। अंत में हाफिज मसऊद साहब ने इस महीने की कद्र करने और ज्यादा से ज्यादा नेकी करके अपनी आख़िरत संवारने की दुआ की।



