युवा मंच ने शुरू किया रोजगार अधिकार अभियान
गरिमापूर्ण आजीविका की गारंटी करे सरकार
म्योरपुर-सोनभद्र। 7 फरवरी को दिल्ली में आयोजित युवा संगठनों की मीटिंग में पारित प्रस्तावों को लेकर सोनभद्र में युवा मंच ने रोजगार अधिकार अभियान चलाने की रूपरेखा आज रासपहरी स्थित कार्यालय में हुई मीटिंग में तैयार की। तय किया गया कि रोजगार अधिकार अभियान में बड़े पैमाने छात्रों व युवाओं से संवाद किया जायेगा। दिल्ली मीटिंग में पारित प्रस्तावों की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसमें प्रमुख रूप से रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने, जब तक रोजगार न मिले तब तक बेरोजगारी भत्ता जोकि न्यूनतम वेतनमान से आधे से कम न हो, राज्यों व केंद्र सरकार में रिक्त पड़े एक करोड़ पदों को समयबद्ध भरने, संविदा व्यवस्था खत्म करने, हर सेक्टर में न्यूनतम वेतनमान 25 हजार करने और शिक्षा व रोजगार के प्रश्न पर छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन व संवाद करने में सरकार द्वारा हस्तक्षेप न करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। मीटिंग में मौजूद युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने कहा कि आज बेरोजगारी की समस्या चिंताजनक स्तर पर है लेकिन मोदी सरकार इसके हल के लिए कतई गंभीर नहीं है। विपक्षी दलों के पास भी रोजगार के सवाल पर सुस्पष्ट विचार नहीं है। कृषि आधारित उद्योगों, लघु-कुटीर व छोटे मझोले उद्योगों, श्रम सघन तकनीक, शिक्षा-स्वास्थ्य आदि नागरिक सुविधाओं मुहैया कराने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बनाने जैसे उपायों से रोजगार सृजन संभव है।
उन्होंने कहा कि अभियान में आदिवासियों समेत गरीब छात्राओं की मुफ्त उच्च शिक्षा के लिए महिला डिग्री कालेज(आवासीय) समेत जनपद शिक्षा व स्वास्थ्य के मुकम्मल इंफ्रास्ट्रक्चर, पलायन रोकने के लिए जनपद में रोजगार सृजन करने जैसे मुद्दों को भी उठाया जायेगा। बैठक में एक सांस्कृतिक टीम के गठन का निर्णय हुआ.
मीटिंग में युवा मंच जिलाध्यक्ष रूबी सिंह गोंड़, म्योरपुर संयोजक गुंजा गोंड़, सविता गोंड़, आलोक गोंड़, अंजू आशा, अनुपमा , जुगनू सिंह गोंड़, राजकुमारी, आशीष, प्रशांत दुबे आदि मौजूद रहे।



