पंचायत सदस्य व स्वयंसेवकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन


म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
ग्राम पंचायतों का संस्थागत विकास कर ग्राम पंचायत-अपनी सरकार के रूप में परिणित करने के उद्देश्य से बनवासी सेवा आश्रम केंद्र खैराही में पंचायत सदस्य व स्वयंसेवकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस प्रशिक्षण में खैराही, किरवानी, रनटोला, गंम्भीरपुर व कुस्महा ग्राम पंचायत के 45 ग्राम पंचायत सदस्य व स्वयंसेवक शामिल रहे। प्रशिक्षक वीरेंद्र राय ने बताया कि देश आजादी के समय देश दो सरकारों पहला केंद्र सरकार, दूसरा राज्य सरकार का प्राविधान किया गया था। लेकिन 1995 में 73वें सविधान संशोधन कर तीसरी सरकार ग्राम पंचायत सरकार यानि अपनी सरकार के रूप में दर्जा मिला है। उन्होंने कहा प्रत्येक ग्रामसभा का सदस्य अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र के लिए विधायक व सांसद की भूमिका में, ग्राम पंचायत सदस्य को एक कैबिनेट मंत्री की भूमिका सविधान में कहा गया है। उन्होंने कहा गांव सरकार ठीक से काम करे उसके लिए छ: स्थाई समितियां है, प्रत्येक समितियों में 6 सदस्य व एक सभापति होता है। उन्होने बताया ग्राम सभा विधाययिका है जो गांव के लिए नियम बनाने का काम करती है, तथा पंचायत सदस्य एक कार्यपालिका के रूप में कार्य करती है। गांव अपने विकास के लिए मिलकर ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार कैसे करेगी बताया गया। गांव का विकास की योजना गांव के लोग खुद बनाए, कार्य नियोजन करे तथा उसका निगरानी करेगी तो गांव में समृध्दि आएगी। शुभा बहन ने बताया कि गांव अपनी समस्याओं को चिन्हित कर खुद योजना बनाए। उन्होंने कहा फरीपान गांव का ऐरा प्रथा पर रोक, व कर्री गांव का जंगल संरक्षण की कहानी बताया। परियोजना कोआर्डिनेटर यश्वी ने बताया कि बनवासी सेवा आश्रम इससे पहले चार अन्य कलस्टरों पड़रच, अजनियां, रन्नू व बिछियारी, में प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है। इस कार्यशाला में शुभाबहन, यश्वी, शिवनारायण भाई, कृष्ण कुमार, संगीता, सीताराम, दिनेश कुमार, प्रभावती, हीरामति, रीनादेवी, शीलादेवी, रामविचार गौतम, हीरालाल, गौरीशंकर, सहित अनेक ग्राम पंचायत सदस्य शामिल रहे।


