फरीपान में विद्युत उपकेंद्र की मांग तेज, 35 किमी दूर सब स्टेशन होने से उपभोक्ता परेशान
बार-बार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति, ग्रामीणों में आक्रोश
म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
क्षेत्र के फरीपान और आसपास के गांवों में विद्युत आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निकट में विद्युत उपकेंद्र (सब स्टेशन) नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है। वर्तमान में क्षेत्र की बिजली व्यवस्था लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित सब स्टेशन पर निर्भर है, जिससे छोटी-सी तकनीकी खराबी होने पर भी लोगों को घंटों नहीं बल्कि कई बार एक-दो दिनों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार निर्धारित ग्रामीण रोस्टर के अनुसार भी उन्हें नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। गर्मी और उमस के मौसम में लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। किसानों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी लाइन में कोई खराबी आती है, तो दूरस्थ सब स्टेशन से कर्मचारियों के पहुंचने और मरम्मत कार्य में काफी समय लग जाता है, जिससे बिजली बहाली में देरी होती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जनहित को देखते हुए फरीपान में शीघ्र विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि क्षेत्र में सब स्टेशन बनने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि फरीपान में नया सब स्टेशन स्थापित होने से म्योरपुर और बभनी स्थित विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त लोड भी कम होगा। इससे दोनों उपकेंद्रों की कार्यक्षमता में सुधार आएगा और व्यापक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा मिल सकेगी।
इस संबंध में पूछे जाने पर म्योरपुर के एसडीओ विद्युत शिवम गुप्ता ने बताया कि उनके पास अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत अथवा प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फरीपान में सब स्टेशन बनने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी और बभनी तथा म्योरपुर उपकेंद्रों का लोड भी कम होगा।



