41वीं अंतर्राज्यीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन, आजमगढ़ ने 3–1 से जेएमडी दिल्ली को हराकर लगातार तीसरी बार जीता खिताब
ग्रामीण वर्ग में महाकाल बिल्ली बनी ‘ग्रामीण स्टार’, चिलकाडांड को सीधे सेटों में हराया
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
राजा चंडोल इंटर कॉलेज लिलासी के ऐतिहासिक खेल मैदान में आयोजित 41वीं अंतर्राज्यीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का समापन रविवार को रोमांच, उत्साह और ऐतिहासिक पलों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस खेल महाकुंभ में शहरी और ग्रामीण—दोनों वर्गों के फाइनल मुकाबले दर्शकों के लिए यादगार बन गए।
शहरी वर्ग फाइनल: आजमगढ़ का दबदबा, 3–1 से जेएमडी दिल्ली पर जीत
शहरी वर्ग के फाइनल मुकाबले में आजमगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जेएमडी दिल्ली को 3–1 से पराजित कर लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
मैच का क्रम बेहद रोमांचक रहा—

पहले दो सेट आजमगढ़ ने अपने नाम किए
तीसरे सेट में जेएमडी दिल्ली ने जबरदस्त वापसी करते हुए सेट जीता
चौथे और निर्णायक सेट में आजमगढ़ ने अनुभव और संयम का परिचय देते हुए मैच अपने नाम कर लिया
फाइनल मुकाबले के अंक इस प्रकार रहे—
25–22, 25–21, 29–27, 25–23
आजमगढ़ की इस जीत ने यह साबित कर दिया कि निरंतरता, टीमवर्क और दबाव में बेहतर प्रदर्शन ही चैंपियन की पहचान होती है।
ग्रामीण वर्ग फाइनल: महाकाल बिल्ली बनी ‘ग्रामीण स्टार’
ग्रामीण स्तर के फाइनल मुकाबले में महाकाल बिल्ली की टीम ने शानदार और एकतरफा खेल का प्रदर्शन करते हुए चिलकाडांड को सीधे सेटों में पराजित किया।
महाकाल बिल्ली ने यह मुकाबला 25–21, 25–18 से जीतकर ग्रामीण स्टार का खिताब अपने नाम किया।
ग्रामीण खिलाड़ियों की फुर्ती, जुझारूपन और सामूहिक तालमेल दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा।
कमेंट्री, रेफरी और तकनीकी टीम की सराहनीय भूमिका
पूरे टूर्नामेंट के दौरान कमेंट्री की जिम्मेदारी कमलेश जी, आशीष गुप्ता और हेमंत गुप्ता ने निभाई, जिनकी आवाज़ और विश्लेषण ने मुकाबलों में अतिरिक्त रोमांच भर दिया।
मैचों का सफल संचालन रेफरी प्रवीण सिंह, मुर्शिद एवं सुशील जी द्वारा किया गया, जिनके निष्पक्ष निर्णयों की खिलाड़ियों और दर्शकों—दोनों ने सराहना की।
समापन अवसर पर गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर रविकांत गुप्ता, जयंत प्रसाद, रामनरेश जायसवाल, बरफीलाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
समापन समारोह के दौरान हजारों की संख्या में दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया और खिलाड़ियों का उत्साह कई गुना बढ़ाया।
आयोजन समिति और विद्यालय की अहम भूमिका
पूरे आयोजन को सफल बनाने में राजा चंडोल इंटर कॉलेज लिलासी के प्रबंधक डॉ. लखन राम जंगली एवं राजा चंडोल वनवासी सेवा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। खिलाड़ियों के ठहराव, भोजन, सुरक्षा और खेल प्रबंधन की व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं।
खेल प्रतिभाओं को मिला मजबूत मंच
41वीं अंतर्राज्यीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह साबित किया कि ग्रामीण और शहरी अंचलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है—ज़रूरत है तो केवल ऐसे मंचों की। आजमगढ़ की हैट्रिक जीत और महाकाल बिल्ली का ग्रामीण स्टार बनना इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि रही।
जोश, जुनून और खेल भावना के साथ संपन्न यह प्रतियोगिता आने वाले वर्षों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।



