टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग सपा सांसद को शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, एमपी ने दिया समर्थन का आश्वासन

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) सोनभद्र में उत्तर प्रादेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार को ज्ञापन सौंपकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता जताई। शिक्षकों की मुख्य मांग है कि आरटीई एक्ट 2009 के मूल नियम के अनुसार 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाए। शिक्षकों ने एक स्वर में आरटीई एक्ट से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने की मांग की। अध्यक्ष संतोष कुमारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश से लाखों शिक्षकों की नौकरी खतरे में है। उनके परिवार का भविष्य अंधकारमय हो गया है। शिक्षक नेता बीएन सिंह ने इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई। कहा कि आरटीई 2009 के मूल नियम के अनुसार 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा गया था। मूल नियम को यथावत रखते हुए इसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने केे लिए संसद में आवश्यक अध्यादेश लाया जाए। सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से प्रकरण पर मिल कर वार्ता करने का आश्वासन दिया और संसद के शीतकालीन सत्र में इस विषय को उठाने का वादा किया। इस मौके पर ददन सिंह, कृष्ण कुमार, राज प्रताप सिंह, बृजबाला सिंह, सरोज सिंह, राजेश प्रेमी, सरिता पटेल आदि रहे।


