परमाणु ऊर्जा विभाग दक्षिणांचल में कर रहा है यूरेनियम की खोज

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
180 करोड़ वर्ष पूर्व समुद्र से बाद अस्तित्व में आया जिले के दक्षिणांचल में यूरेनियम की खोज में पिछले चार वर्षों से डेरा जमाए परमाणु ऊर्जा विभाग अब खुदरी पहाड़ी और आसपास सौ टन यूरेनियम का पता लगाने के बाद वहा से दस किमी पूरव ग्राम पंचायत पूर्वी देवहार के दक्षिण में चित पहरी के जंगल में सर्वे के बाद नमूना के लिए खुदाई शुरू किया है। बोरिंग सिस्टम के माध्यम से जंगल में तीन सौ मीटर गहरा खुदाई कर उसे विभाग के लैब में भेजेगा और पता करेगा कि इसमें यूरेनियम की मात्रा है या नहीं और है तो कितना है। जांच और खुदाई में जुटे अधिकारी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे है।अधिकारियों का कहना है कि हम लोग जांच में जुटे है।कोई भी जानकारी विभाग के निदेशक हैहराबाद ही दे सकते है। बहरहाल चार साल पूर्व हेलिकॉप्टर से पड़ताल के बाद जिस तरह से विभाग क्षेत्र में डेरा जमाया हुआ है और लगातार नमूने एकत्र कर लैब भेज रहा है इससे अनुमान लगाया रहा है कि यहां के जंगल और पहाड़ियों में खनिज संपदा का भंडार है।हेलीकॉप्टर से स्पेक्ट्रोमीटर विधि से किए गए खोज के बाद जी एस आई से हरि झंडी मिलने के बाद जुगैल क्षेत्र में लोहा की खुदाई की प्रक्रिया खनन निदेशालय ने शुरू कर दी है।अगर चितपहरी के जंगल में यूरेनियम की पुष्टि होती है तो यह देश के परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
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