सोनभद्र में स्कूलों के विलय के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर मंगलवार को जिले भर से हजारों शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। शिक्षकों ने इसको लेकर इस आदेश को वापस कराने का मांग किया। जिलाध्यक्ष संतोष कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस धरने में जिले के सभी ब्लाको से शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल हुए।
धरना प्रदेश नेतृत्व के उस आंदोलनात्मक कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसके तहत सरकार द्वारा विद्यालयों के मर्जर, 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों और 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पदों को समाप्त करने जैसे निर्णयों के खिलाफ आवाज बुलंद की गई।
धरना को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष संतोष कुमारी ने कहा कि वर्तमान परिवेश में परिषदीय विद्यालयों का संचालन व पठन पाठन बहुत ही प्रभावशाली रूप में चल रहा है। परंतु इस प्रकार के निर्देश से परिषदीय विद्यालयों का पठन-पाठन अत्यंत प्रभावित होगा। इसके नतीजे राष्ट्र के लिए घातक और भयंकर होंगे। कहा कि प्रदेश के नौनिहाल बच्चों के भविष्य के प्रति गहनता से विचार करते हुए परिषदीय विद्यालयों को पेयरिंग कर विद्यालयों का मर्जर प्रक्रिया अपनाए जाने के कारण परिषदीय विद्यालयों को बंद किए जाने के निर्देश को निरस्त किया जाए। संघ की चेतावनी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इस विषय पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जनपद सोनभद्र प्रदेश नेतृत्व के हर निर्णय में अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहेगा। इस मौके पर संगठन मंत्री धनश्याम सिंह, संरक्षक लल्लन सिंह, विनीता, बृजबाला सिंह, सरोज, दिव्या सिंह, राज मौर्या, अनिल कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, तैयब अंसारी, अखिलेश सिंह गुंजन, शिवशंकर, जटा शंकर, रजनीश श्रीवास्तव, राजेश प्रेमी आदि रहे।



