बभनी मोड से जौराही तक सड़क मरम्मत में मानकों की अनदेखी पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन।

— सड़क की जांच की उठाई मांग
बभनी (अरुण पाण्डेय) । सड़क निर्माण को लेकर जब बात गुणवत्ता की आती है तो पीडब्ल्यूडी का नाम सबसे पहले आता है, लेकिन अब यह बात गुजरे जमाने की हो गयी है। पिछले कुछ वर्षों में पीडब्ल्यूडी की सड़़कों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिस बात को लेकर ग्राम पंचायत सतबहनी के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में मामला चाहे जहां कहीं का भी हो हर जगह से घटिया सड़क निर्माण को लेकर लोगों का विरोध प्रदर्शन की खबरें प्रकाशित होती रहती हैं ।ऐसी सड़क निर्माण की तस्वीरें व वीडियो सामने देखे गए है कि सड़क बनते ही पूरी सड़क उखड़ गयी । कोई भी इसे देखकर इस पर सवाल खड़े कर देगा लेकिन यहां के विभागीय अफसरों के अलावा आलाधिकारियों को इसमें कोई कमी नजर नहीं आती। बड़ा सवाल यह है कि आज तक न किसी पर कोई कार्यवाही हुई और न ही कोई सड़क दोबारा बनाई गई । हालांकि योगी सरकार के मंत्री
विकास खण्ड बभनी के बभनी मोड़ से जौराही तक 11 किमी सड़क मरम्मत में मानकों की अनदेखी का मामला प्रकाश में आया है जगह जगह रोड़ गिट्टी छिड़क दिया गया है और सोलिंग रोड़ पे बिछा कर उसे रोलर से दबाना भूल गए आय दिन खतरा का कारण बनते जा रहा है आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर हंगामा किया ग्रामीणों की मांग है कि सड़क को पुनः उखाड़ कर मानकों के हिसाब से सड़क निर्माण किया जाए।
बभनी मोड से जौराही तक 11 किमी सड़क निर्माण में मानकों को ताख पर रख पेन्टिग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का आदेश है कि पांच साल तक ठेकेदार की सड़क की जिम्मेदारी होगी । लेकिन विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से सड़क का घठिया निर्माण किया जा रहा है हिरा सिंह, विरझयू सिंह, दिनेश देवनाथ, लालमान, राम कुमार, होतीलाल, श्याम विहारी,,अनिल कुमार, जर्बन सिंह, बाबूलाल, सोनकुंवर, फूलमती, ने मंगलवार को गांव में प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की ।और सड़क निर्माण की जांच की मांग उठाई है।जिले से सुंदुर क्षेत्र होने के कारण ठेकेदारों के लिए चारागाह बनता नजर आ रहे हैं वहीं ग्रामीणों में आक्रोश है जीरो टॉलरेंस पर काम करने वाली सरकार में अधिकारियों के सह पर ठेकेदार जम कर भ्रष्टाचार कर रहे हैं और अधिकारी सिर्फ कागजों में जांच और निस्तारण कर कार्यवाही का इतिश्री कर लें रहे हैं ग्रामीणों नै चेतावनी दी है सड़क को उखाड़कर पुनः कार्य किया जाए ।नही तो आन्दोलन और तेज किया जाएगा।
एक्सियन का है कहना
पीडब्ल्यूडी के एक्सियन नवीन श्रीवास्तव से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि जौराही से बभनी मोड़ बन रही ग्यारह किलोमीटर के सड़क की जांच मैं जाकर खुद चार बार कर चुका हुं लेकिन मुझे कोई कमी समझ में नहीं आई यदि किसी के द्वारा कोई आरोप है तो उसकी जांच के लिए मैं कल आ रहा हुं और पुनः जांच की जाएगी।
बयान देने से पल्ला झाड़ते पीडब्ल्यूडी के जेई
जब इस मामले में पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता जितेन्द्र तिवारी ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि एक्सियन से बात कर लीजिए वे मामले की जांच कई बार कर चुके हैं।



