शिक्षा से ही आदिवासी समाज मजबूत होगा- राज्यमंत्री संजीव गोंड

दुद्धी।(मदन मोहन तिवारी) तहसील मुख्यालय के आदिवासी वीरांगना महारानी दुर्गावती सेवा समिति मढैली महुआ मझौली गांव के अखिल भारतीय गोंडवाना गोड़ महासभा द्वारा आयोजित धर्माचार्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड ने कहा कि क्षेत्र में नए कालेज में आदिवासियों को सुविधाएं दी जा रही है। हमारे बच्चों को शिक्षा देने की जरूरत है। हमारा समाज तभी मजबूत होगा। आदिवासियों के साथ शोषण करने वाले लोगों के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होगी। आदिवासियों के साथ हमेशा न्याय होगा।

विशिष्ट अतिथि मानसिंह गोंड ने कहा धर्माचार्य द्वारा पूजा अर्चना करने की शुभकामनाएं। आदिवासी समाज जल जंगल जमीन के पुजारी है। आदिवासी समाज के सभी अच्छे कार्यों को प्रसार करने कि जरूरत है।

संजय गोंड धुर्वे ने कहा कि आदिवासी समाज द्वारा प्रशिक्षण में तकनीकी जानकारी नही है। हम सभी को मिलकर जागरूक करने की जरूरत है। छुआ छूत, दहेज प्रथा से बचना होगा। पेड़ पौधे लगाने होंगे। हमारा समाज तभी मजबूत होगा जब बच्चे शिक्षित होंगे। जिला पंचायत सदस्य बघाडू जुबेर आलम ने कहा कि कार्यक्रम स्थल के समीप सार्वजनिक शौचालय व पानी की सुविधा व एक बहुद्देश्यीय हाल की जरूरत है। जिसे तत्काल बनवाने का काम करेंगे।
समापन कार्यक्रम के पूर्व दो दिवसीय प्रशिक्षण में प्रमुख धर्माचार्य द्वारा बड़ादेव ठाना पर गोंडी रीति रिवाज के साथ पूजा पाठ किया गया। प्रमुख प्रशिक्षक फतेह बहादुर सिंह मरकाम व सहायक प्रशिक्षक सुखई सिंह पोया ने सोनभद्र चंदौली सहित अन्य जिलों से आये प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया। धर्माचार्यों ने कहा कि एक झूठ होकर समाज कुरीतियों को दूर कर संगठन को मजबूत बनाएं और अपनी गोंडी संस्कृति को बचाए रखना। धर्माचार्य का कर्तव्य समाज में आदिवासियों का जो संविधान द्वारा मौलिक अधिकार है। हमें मिल नही पा रहा। विशेष रूप से संविधान की पांचवी अनुसूची को लागू कर विशेष अधिकार दिलाए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि गोंडी विवाह, गोंडी प्रथा एवं मृतक संस्कार विवाह संस्कार एवं गृह प्रवेश अनप्राशन संस्कार एवं तमाम आदिवासी समाज के रीति रिवाज से संबंधित समाज को एक सूत्र में बांधकर चलने की नसीहत दी। विशिष्ट प्रशिक्षक रामसूरत नेटी ने गोंडी धर्म को बचाये रखने के लिए आदिवासी स्टूडेंट यूनियन का गठन कर शैला, कर्मा, डोमकच नृत्य के माध्यम से आदिवासी संस्कृति को बचाये रखने का प्रयत्नशील रहा। कार्यक्रम का संचालन फौजदार सिंह परस्ते ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रथम दिवस का उद्घाटन विधायक विजय सिंह गोंड ने किया। इस अवसर पर मोहन कुशवाहा, हृदय नारायण सिंह गोंड, रवि गोंड, बबई सिंह गोंड, रामु गोंड पोया, सुरेंद्र पोया, मानरूप, रामकेश, राजेन्द्र ओईका, अशोक मरकाम, ओमप्रकाश शर्मा, रामविचार, रामबृक्ष सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




