हम अपनी भूमि एवं वनों पर अपना हक चाहते हैं- सुकालो गोंड

दुद्धी। अखिल भारतीय वनजन श्रमजीवी यूनियन के अध्यक्ष सुकलो देवी के नेतृत्व में वनाधिकार दिवस दुद्धी के टीसीडी ग्राउंड पर मनाया गया। रविवार को वनाधिकार दिवस के अवसर पर सैकड़ों महिलाओं के साथ सुकालो गोंड ने कहा कि 15 दिसंबर को वनाधिकार दिवस मनाते हैं। जिसके तहत वनाश्रित समुदाय को उनकी वन एवं वन भूमि पर मालिकाना हक प्रदान किया गया है। लेकिन अभी तक इस कानून के तहत हमें अधिकार नहीं मिल रहा हैं। आदिवासियों को उनकी जमीन और घर से खदेड़ा जा रहा है। जिसका ताजा उदाहरण दुद्धी तहसील के हाथीनाला मुख्य मार्ग पर स्थित एक विधवा आदिवासी महिला लीलावती गोंड के घर पर कुशवाहा पिछड़ी जाति के लोग द्वारा उनके घर घरौनी पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। जबकि आदिवासी हजारों साल से कैमूर पर्वत श्रृंखला पर रहते चले आ रहे हैं। 2006 में वनाधिकार कानून के तहत हमें यह मान्यता मिली है। लेकिन एक अकेली आदिवासी महिला को अपने जेठानी वह भी विधवा है। किसी तरह से अपना जीवन निर्वाह कर रही है। जिस पर दबंग एवं भूमि माफिया अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं। इसके साथ जिले के अभी तक 26 ग्राम सभा द्वारा सामुदायिक दावों का निस्तारण भी नहीं किया गया है। जिन दावों को हमने जिलाधिकारी को 2018 व 2022 में सौंपे थे। सरकार द्वारा इस विशेष कानून को अनदेखी की जा रही है। हमारा संगठन एवं भूमि अधिकारों पर वनाश्रित समुदाय और विशेषकर महिलाओं के अधिकारों के प्रति समर्पित है। हम अपनी भूमि एवं वनों पर अपना हक चाहते हैं। और हम अपने आंदोलन को और आगे बढ़ना चाहते हैं। उसके लिए हम दुद्धी में कार्यालय का उद्घाटन करने के लिए एकत्रित हुए हैं। ताकि हम अपने वनाधिकार जल, जंगल-जमीन की और अपने घर की जमीन, अपनी खेती जमीन को सामूहिक रूप से बचा सके। और उसकी रक्षा भी कर सके, हम प्रशासन से अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए वनाधिकारों की सुरक्षा में अड़चन पैदा करने वालों को सबक सिखाने का काम करें। इस अवसर पर किस्मती गोंड, रामबृक्ष, बृजलाल, जामवंत गोंड, बाबूलाल, मुन्नर गोंड आदि शामिल रहे।


